उत्तराखंड…दोहरी वोटर लिस्ट से जीते जनप्रतिनिधियों पर हाईकोर्ट सख्त –निर्वाचन आयोग से मांगा पूरा ब्योरा

खबर शेयर करें 👉

नैनीताल। उत्तराखंड में दोहरी मतदाता सूची के आधार पर पंचायत चुनाव लड़ने और जीतने वाले जनप्रतिनिधियों के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सामाजिक कार्यकर्ता शक्ति सिंह बर्थवाल की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब तलब किया है। अदालत ने आयोग को निर्देश दिया है कि नगर निकाय और ग्राम पंचायत दोनों की मतदाता सूचियों में नाम दर्ज होने के बावजूद चुनाव जीतने वाले सभी जनप्रतिनिधियों का पूरा विवरण प्रस्तुत किया जाए।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक के दौरान सरयू में बहा 8 वर्षीय मासूम -तलाश जारी

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कानूनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होना आवश्यक है। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि दोहरी मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद कितने प्रत्याशी चुनाव जीतकर वर्तमान में पंचायत प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं।

यह विवाद पिछले वर्ष पंचायत चुनाव से पहले तब शुरू हुआ था, जब राज्य निर्वाचन आयोग ने एक स्पष्टीकरण जारी कर दो अलग-अलग मतदाता सूचियों में नाम दर्ज होने वाले व्यक्तियों को भी चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी थी। इस निर्णय को शक्ति सिंह बर्थवाल ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आयोग के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...अंकिता भंडारी हत्याकांड : दोषियों को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत -10 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

बाद में राज्य निर्वाचन आयोग इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, लेकिन शीर्ष अदालत ने आयोग की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि हाईकोर्ट का आदेश उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप है।

अब जबकि पंचायत चुनाव संपन्न हो चुके हैं और संबंधित प्रत्याशी निर्वाचित होकर पद संभाल चुके हैं, हाईकोर्ट ने मामले के अंतिम निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी है। अदालत ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं कि क्या चुनाव जीत चुके संबंधित जनप्रतिनिधियों को भी इस मामले में पक्षकार बनाया जाना चाहिए, ताकि सभी प्रभावित पक्षों को सुनने के बाद अंतिम निर्णय लिया जा सके।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  चोसला वन में हरियाली का महाअभियान: 'घुघूति जागर' टीम और टाटा परिवार ने रोपे सैकड़ो पौधे

मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी। इस मामले पर आने वाला फैसला उत्तराखंड के पंचायत प्रतिनिधियों की वैधता और चुनावी प्रक्रिया पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119