उत्तराखंड…अब हरिद्वार में नहीं चलेगी भिक्षावृत्ति! डीएम ने बनाया बड़ा एक्शन प्लान —सर्वे से रोजगार तक होगी पूरी व्यवस्था
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में हुई बैठक में भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों के सर्वे, पुनर्वास, कौशल विकास, रोजगार और जन-जागरूकता को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक जीवन और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने के लिए समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार ऐसा शहर बने, जहां कोई भी व्यक्ति मजबूरी में भीख मांगने को विवश न हो।
इसके तहत मंदिरों, घाटों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में उनकी आयु, स्वास्थ्य, परिवार, शिक्षा और आजीविका से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी तथा बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों की अलग-अलग श्रेणियां बनाकर उनके अनुरूप पुनर्वास की योजना तैयार की जाएगी।
बैठक में अस्थायी और स्थायी आश्रय गृह, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, नशामुक्ति और मनोसामाजिक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। पुनर्वासित लोगों को कौशल प्रशिक्षण देकर स्थानीय उद्योगों, होटलों, दुकानों और सेवा क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए।
बाल भिक्षावृत्ति पर भी प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा। भीख मांगने वाले बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश, छात्रवृत्ति, पोषण और आवासीय शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी। वहीं बाल श्रम और बाल तस्करी से जुड़े मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जन-जागरूकता अभियान चलाने, प्रमुख स्थानों पर संदेश प्रदर्शित करने तथा सोशल मीडिया, रेडियो और स्थानीय समाचार माध्यमों के जरिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देने के बजाय जरूरतमंद लोगों को पुनर्वास योजनाओं से जोड़ने में प्रशासन का सहयोग करें।
बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग तथा गैर-सरकारी संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, विभागवार जिम्मेदारियां तय करने और नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया ने कार्ययोजना की जानकारी दी। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार, सीओ सदर एसपी बलूनी, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) अमित कुमार चंद, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा, उप नगर आयुक्त श्याम सुंदर दास, उप नगर आयुक्त रुड़की अमरजीत कौर, एसीएमओ डॉ. कुंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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