युवाओं को नहीं पता यूकेपीएससी के भीतर भी हैं चोर के मौसेरे भाई
–ग्रामीण क्षेत्र के युवा बोले पेपर लीक प्रकरण की न्यायिक जांच हो
गणेश पाण्डेय दन्यां
यूकेपीएससी को भर्ती परीक्षाओं का दायित्व सौंपे जाने के बाद बेरोजगार युवा आशान्वित हुए थे। हाल में हुई पटवारी भर्ती परीक्षा के पेपर लीक होने और इसी संस्थान के अधिकारियों की संलिप्तता उजागर होने से मेहनतकश बेरोजगार युवा अब काफी मायूस हो गए हैं। इस परीक्षा से पूर्व युवाओं को नहीं पता था कि चोर के मौसेरे भाई प्रतिष्ठित संस्था यूकेपीएससी के भीतर भी कुंडली मारे बैठें हैं।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्न पत्र नकल माफियाओं द्वारा लीक करने के कई मामले उजागर होने के आद सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं का जिम्मा यूकेपीएससी को सौंपा था। नकल माफिया रूपी अजगर इसी संस्था की आस्तीन में छिपा है इस बात का खुलासा पटवारी भर्ती परीक्षा होते ही युवाओं को हो गया। 22 साल पुराने उत्तराखंड राज्य और यहां की शासन व्यवस्था पूरी तरह अब माफियाओं के कब्जे में है। इस बात को लेकर पटवारी भर्ती सहित अनेक परीक्षाएं दे चुके बेरोजगार युवाओं में खासा आक्रोश पनपने लगा है।

भर्ती घोटाले का गढ़ बन गया है उत्तराखंड। प्रदेश सरकार अपने ढुलमुल रवैये के चलते युवाओं के हितों की अनदेखी कर रही है। जीरो टॉलरेंस का राग अलापने वाली भाजपा सरकार नकल माफियाओं पर नकेल कसने में पूरी तरह असफल हुई है। — नम्रता मलाड़ा ग्राम छनटाना
उत्तराखंड में पूरा सिस्टम सवालों के घेरे में आ गया है। यूकेएसएसएससी पेपर लीक घोटाले में सख्ती बरती गई होती तो ऐसी नौबत ही नहीं आती। सरकार की लचर व्यवस्था से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मेहनत करने वाले लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। —– योगेश पंत ग्राम मयोली
भाजपा सरकार ने उत्तराखंड में तरह तरह के भ्रष्टाचारियों को ही पनपाया है। डबल इंजन की भाजपा सरकार पूरी तरह से फेल होती दिख रही है। धामी सरकार का डिफेंसिव मोड में कार्य करना समझ से परे की बात है। पेपर लीक प्रकरणों की न्यायिक जांच हो और तब तक आयोग द्वारा कराई जा रही परीक्षाओं को स्थगित रखा जाय। — मनोज कुमार पाण्डेय ग्राम गौली
परीक्षा रद्द कर दुबारा आयोजित करने की घोषणा करके सरकार स्वयं अपनी पीठ थपथपा रही है। सरकार द्वारा मात्र औपचारिकता को निभाना इस गंभीर समस्या का स्थाई समाधान नहीं है। विगत 22 वर्षों में हुई समस्त भर्तियों की न्यायालय की निगरानी में सीबीआई जांच होनी चाहिए।
—– गीता मलाड़ा दन्यां ।


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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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