27.50 करोड़ से बदलेगा देहरादून आईएसबीटी का चेहरा -कायाकल्प का काम अंतिम चरण में

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देहरादून। देहरादून के प्रमुख अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) को आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से करीब 27.50 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी के सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण के कार्य कराए जा रहे हैं। करीब 10 एकड़ में फैले इस परिसर में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और आधुनिक व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप किए जा रहे इन कार्यों में प्लेटफॉर्म के फर्श का नवीनीकरण, आधुनिक सार्वजनिक शौचालय, प्रतीक्षालय, डोरमेट्री, पेयजल व्यवस्था, लैंडस्केपिंग और ऊर्जा कुशल विद्युत व्यवस्था समेत कई कार्य शामिल हैं। दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

निर्माण कार्य अंतिम चरण में

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में आईएसबीटी के निर्माण, सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण के कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं। निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने अधिकारियों के साथ मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की स्थिति की जानकारी ली और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।

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सचिव ने कहा कि निर्माण के दौरान यात्रियों की आवाजाही और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि विकास कार्यों के कारण आम यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो।

मॉल, दुकान और कैब सेवाओं की भी होगी व्यवस्था

आईएसबीटी परिसर में स्थित मॉल को भी आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है। वर्तमान में यहां फिल्मों का प्रदर्शन हो रहा है, जबकि शॉपिंग मॉल और अन्य दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा यात्रियों की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए ओला-उबर कैब बूथ निर्धारित किए जा रहे हैं।

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परिसर में ई-चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी काम शुरू किया गया है। आईएसबीटी के कियोस्कों को पारंपरिक पहाड़ी शैली में विकसित करने की पहल की गई है, जिससे परिसर में उत्तराखंड की स्थानीय वास्तुशैली की झलक भी दिखाई देगी। जलभराव की समस्या के समाधान और परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी काम किया गया है।

रोजाना दो हजार से अधिक बसों की क्षमता

करीब 10 एकड़ में फैले आईएसबीटी को भविष्य में प्रतिदिन दो हजार से अधिक बसों की क्षमता को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के साथ ही दूसरे राज्यों के लिए बड़ी संख्या में बसों का संचालन यहां से होता है। ऐसे में आईएसबीटी के सुदृढ़ीकरण को देहरादून की बढ़ती परिवहन जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है।

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एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि आईएसबीटी शहर का महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है और इसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त, स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कार्य प्राथमिकता से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि आईएसबीटी में चल रहे और प्रस्तावित कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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