बूस्टर डोज को लेकर असमंजस-प्राइवेट अस्पताल बूस्टर डोज सरकार द्वारा उपलब्ध कराने पर ही यह जिम्मेदारी लेने की बात कह रहे हैं-
हल्द्वानी। जिले में कोरोना बूस्टर डोज लगाने को लेकर हफ्तेभर बाद भी असमंजस बना हुआ है। प्राइवेट अस्पताल बूस्टर डोज सरकार द्वारा उपलब्ध कराने पर ही यह जिम्मेदारी लेने की बात कह रहे हैं। जिसके बाद से मामला लटका हुआ है। वहीं स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों से फिर से वार्ता करने की तैयारी कर रहा है।
केन्द्र सरकार ने 10 अप्रैल से बूस्टर डोज लगाने की घोषणा की थी। जिसमें 18 से 59 साल के बीच के लोगों को कोरोना की बूस्टर डोज लगाने की जिम्मेदारी निजी अस्पतालों को दी गई है। उत्तराखंड में इसके लिए बकायदा गाइडलाइन भी जारी की गई है। बूस्टर डोज की कीमत सहित कई अन्य कारणों से निजी अस्पताल यह जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं।
यही वजह ही है कि सरकार की घोषणा के हफ्तेभर बाद भी नैनीताल जिले में बूस्टर डोज लगने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इससे जिले में करीब 70 हजार लोगों के सामने बूस्टर डोज लगवाने का संकट पैदा हो गया है। सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी ने बताया कि मामले में प्राइवेट अस्पताल संचालकों से दोबारा बात की जाएगी। उनकी बातों को शासन तक पहुंचाया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द बूस्टर डोज लगनी शुरू हो सके।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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