2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर शुल्क की आशंका,-व्यापारियों में रोष

Fast News Uttarakhand - Latest Uttarakhand News in Hindi
खबर शेयर करें 👉

नई दिल्ली। सरकार द्वारा 2000 रुपये से अधिक के डिजिटल यूपीआई लेन-देन पर व्यापारी छूट दर (एमडीआर) लागू किए जाने की संभावनाओं के बीच व्यापारियों और पेट्रोल पंप संचालकों में नाराजगी बढ़ गई है। दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने प्रस्तावित शुल्क का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि इसे व्यापारियों पर लागू किया गया तो संगठन आंदोलन करेगा।

सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि देश के कई पेट्रोल पंप संचालकों ने संगठन से संपर्क कर संभावित शुल्क को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाया गया तो पेट्रोल पंप संचालकों के लिए ऑनलाइन भुगतान स्वीकार करना आर्थिक रूप से महंगा पड़ सकता है और कुछ संचालक इसे बंद करने पर मजबूर हो सकते हैं।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  घोड़ाखाल गोलू देवता मंदिर को मानसखंड मंदिर माला मिशन में शामिल करने की मांग

गोयल के अनुसार, कार में पेट्रोल या डीजल भरवाने पर सामान्य तौर पर 3000 से 5000 रुपये तक का भुगतान होता है, जबकि ट्रकों में यह राशि 10 हजार रुपये से अधिक हो सकती है। पेट्रोल पंप संचालकों का प्रति लीटर कमीशन पहले ही सीमित है, जो करीब 3 से 4 रुपये बताया जाता है। ऐसे में यदि एक प्रतिशत एमडीआर का भुगतान करना पड़ा तो यह उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ होगा।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप संचालक पहले से ही क्रेडिट कार्ड लेन-देन पर लगने वाली करीब 0.8 से 1 प्रतिशत एमडीआर को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर भी शुल्क लगने से उनकी लागत और बढ़ सकती है। इसके चलते पेट्रोल पंपों पर ‘2000 रुपये से अधिक का यूपीआई भुगतान मान्य नहीं है’ जैसे बोर्ड लगाए जाने की स्थिति बन सकती है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड : रुद्रपुर में साइबर ठगों का तांडव -दो लोगों के खातों से उड़ाए 3.65 लाख रुपये

सीटीआई के महासचिव गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा ने कहा कि सरकार भले ही शुल्क व्यापारी से लेने की बात कहे, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष असर उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। व्यापारियों के मुताबिक, अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव की स्थिति बन सकती है।

संगठन का दावा है कि दिल्ली के चांदनी चौक, सदर बाजार, करोल बाग, कनॉट प्लेस, लाजपत नगर और सरोजिनी नगर जैसे प्रमुख बाजारों में 70 प्रतिशत से अधिक व्यापारी यूपीआई के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। सीटीआई के अनुसार, एमडीआर लागू होने से डिजिटल भुगतान की मौजूदा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और उपभोक्ताओं का रुझान दोबारा नकद भुगतान की ओर बढ़ सकता है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  भीमताल में सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलते चार आरोपी गिरफ्तार -3300 रुपये बरामद

सीटीआई ने सरकार से यूपीआई लेन-देन पर किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बजाय उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से छोटे और मध्यम व्यापारियों तथा पेट्रोल पंप संचालकों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119