जागेश्वर धाम में सुविधाओं का संकट : महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने उठाई आवाज, कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
हल्द्वानी। जागेश्वर धाम में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर अब संत समाज ने खुलकर आवाज उठाई है। मुख्य पुजारी एवं महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद महाराज ने कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत को ज्ञापन सौंपते हुए धाम में जरूरी व्यवस्थाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की।
महामंडलेश्वर ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन यहां संस्कृत महाविद्यालय, अस्पताल, धर्मशाला और समुचित वाहन पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों से मंदिर प्रबंधन समिति का गठन नहीं होने के कारण धाम की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।
इसके अलावा धाम के आसपास लगे सोलर स्ट्रीट लाइट भी लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वामी कैलाशानंद महाराज ने बताया कि संतों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उनके द्वारा जागेश्वर धाम में एक भव्य आश्रम और धर्मशाला का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं पार्किंग की बड़ी समस्या को लेकर उन्होंने बताया कि वर्तमान में पार्किंग स्थल धाम से लगभग तीन किलोमीटर पहले बनाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को पैदल आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
गर्मियों के कुछ महीनों में ही शटल सेवा चलती है, जबकि बाकी समय वाहन मंदिर के आसपास सड़कों के किनारे खड़े रहते हैं, जिससे जाम की समस्या भी बढ़ जाती है।
महामंडलेश्वर ने कुमाऊँ आयुक्त से धाम के पास नए पार्किंग स्थल के लिए भूमि चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस पर आयुक्त दीपक रावत ने उनसे संभावित स्थान का गूगल मैप और फोटो उपलब्ध कराने को कहा है और जल्द ही जागेश्वर धाम का दौरा कर जनहित से जुड़ी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कृष्णचन्द्र काण्डपाल (प्रवक्ता अखाड़ा), विनोद जोशी और अमित भट्ट भी मौजूद रहे।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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