शिक्षा विभाग में कर्मचारियों का अटैचमेंट समाप्त

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हल्द्वानी। सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखा रहे कर्मचारियों को मुंह की खानी पड़ी है। शिक्षा विभाग ने नैनीताल जिले में लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अटैचमेंट समाप्त कर दिए हैं। जिससे करीब एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को अपने मूल तैनाती स्थल वापस लौटना पड़ेगा। अधिकारी अकसर अपने चहेतों को आरामतलब नौकरी देने के लिए उन्हें जिला या ब्लॉक मुख्यालयों में कार्यालयों से अटैच कर देते हैं। इससे न केवल उनके मूल तैनाती स्थल पर काम प्रभावित होता है बल्कि मुख्यालयों में मानक से अधिक कर्मचारी दिखाई देते हैं।

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इस परंपरा को समाप्त करने के लिए बीते साल जून में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने तीन मुख्य विभाग शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट की व्यवस्था खत्म कर दी थी। जिसका बाकायदा आदेश जारी हुआ। हालांकि, नैनीताल जिले में हावी अफसरशाही के आगे आदेश फीका पड़ गया। भीमताल मुख्यालय समेत कई ब्लॉक कार्यालयों में लिपिकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थल नहीं भेजा गया।

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इधर, सोमवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी ने आदेश जारी कर कार्यालय सहयोग के लिए रखे गए लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की बात कही है। चर्चा ये भी है कि हल्द्वानी के एक आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा अटैचमेंट की जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगे जाने के बाद आनन-फानन में ये फैसला लिया गया है।

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