भारत के इतिहास में पहली बार 38 दोषियों को फांसी और 11 को उम्रकैद की सजा-पढ़ें पूरी खबर-
मुंबई। अहमदाबाद में 26 जुलाई 2008 को हुए सीरियल ब्लास्ट मामले के दोषियों को शुक्रवार को सजा सुनाई गई। 38 दोषियों को फांसी और 11 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। सिटी सिविल कोर्ट ने 78 में से 49 आरोपियों को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत दोषी करार दिया था। इनमें से एक एक दोषी, अयाज सैयद को जांच में मदद करने के एवज में बरी किया है। इसके अलावा 29 भी सबूतों के अभाव में बरी हो चुके हैं।
कोर्ट ने कहा कि धमाकों में मारे गए लोगों के परिजनों को एक लाख, गंभीर घायलों को 50 हजार और मामूली घायलों को 25 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।
26 जुलाई 2008 को 70 मिनट के दौरान 21 बम धमाकों ने अहमदाबाद को हिलाकर रख दिया था। शहर भर में हुए इन धमाकों में कम से कम 56 लोगों की जान गई थी, जबकि 200 लोग घायल हुए थे। जांच-पड़ताल कई सालों तक चली और करीब 80 आरोपियों पर मुकदमा भी चला।
गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर क्राइम ब्रांच की विशेष टीम का गठन किया गया था। आशीष भाटिया ने इस टीम को लीड किया। क्राइम ब्रांच की इस विशेष टीम ने 19 दिनों में मामले का पर्दाफाश किया, और 15 अगस्त 2008 को गिरफ्तारी का पहला सेट बनाया था।
दिसंबर 2009 में 78 आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की शुरुआत हुई थी। इनमें से एक आरोपी बाद में सरकारी गवाह बन गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 1100 गवाहों का परीक्षण किया।
स्पेशल टीम ने महज 19 दिनों में 30 आतंकियों को पकड़कर जेल भेज दिया था। इसके बाद आतंकी देश के अलग-अलग शहरों से पकड़े गए। अहमदाबाद में हुए धमाकों से पहले इंडियन मुजाहिदीन की इसी टीम ने जयपुर और वाराणसी में भी धमाकों को अंजाम दिया था।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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