अंगीठी की गैस से एक ही परिवार के चार लोग बेहोश, समय रहते बची जान
बागेश्वर। जिले के दाड़ीम ठोक क्षेत्र के तिवाड़ी गांव में कमरे में जली अंगीठी की गैस से एक ही परिवार के चार सदस्य बेहोश हो गए। सुबह समय पर पड़ोसियों की नजर पड़ने से बड़ा हादसा टल गया। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से चारों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
जानकारी के अनुसार तिवाड़ी गांव निवासी नवीन चंद्र तिवाड़ी (62), उनकी पत्नी विमला देवी (57), बहु बबीता देवी (25) और डेढ़ वर्ष की बच्ची काव्या गुरुवार शाम भोजन के बाद कमरे में जलती अंगीठी रखकर सो गए थे। रात में अंगीठी बुझ गई थी, लेकिन शुक्रवार तड़के करीब चार बजे बुजुर्ग सास-ससुर के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बहु बबीता देवी ने दोबारा अंगीठी जलाकर कमरे में रख दी और बच्ची के साथ सो गई। इसी दौरान कमरे में अंगीठी से गैस भर गई, जिससे चारों बेहोश हो गए।
शुक्रवार सुबह करीब पौने नौ बजे पड़ोसी खष्टी देवी दूध लेने परिवार के घर पहुंचीं। दरवाजा बंद होने और अंदर से कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने गांव वालों को सूचना दी। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर दरवाजे तोड़े तो दोनों कमरों में गैस भरी हुई थी और चारों गहरी नींद में पड़े थे। तत्काल उन्हें बाहर निकालकर सड़क तक लाया गया और 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल में फिजिशियन डॉ. प्रीति यादव की देखरेख में चारों का उपचार किया जा रहा है।
चिकित्सकों के अनुसार दोपहर तक बहु और बच्ची को होश आ गया था, जबकि शाम को बुजुर्ग दंपती भी होश में आ गए। एहतियातन चारों को 48 घंटे तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा।
घटना की सूचना मिलते ही बुजुर्ग दंपती का इकलौता बेटा दीपक तिवाड़ी भी जिला अस्पताल पहुंच गया। वह वर्तमान में कपकोट के एक निजी विद्यालय में कार्यरत है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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