हल्द्वानी…अभी गौला खुली ही नहीं, जनवरी में दस साल की खनन लीज हो रही खत्म…
हल्द्वानी। आधा नवंबर बीतने को है, मगर कुमाऊं की लाइफलाइन माने जाने वाली गौला नदी में खनन सत्र शुरू होने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। रॉयल्टी कम करने, ग्रीन टैक्स हटाने, जीपीएस सिस्टम अनिवार्य नहीं करने जैसी मांगों को लेकर वाहन स्वामी डीएम से मुलाकात कर चुके हैं, और डीएम ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है, लेकिन यदि सहमति बन भी जाती है तब भी गौला खनन कार्य शुरू होने मेेें काफी समय लग जाएगा।
वाहन स्वामियों और सरकार के बीच पैदा हुए इस विवाद को लेकर बाहरी श्रमिक भी असमंजस की स्थिति में हैं। स्थानीय ठेकेदार हर साल दीपावली के बाद उन्हें किराये के पैसे भेजकर गौला खनन कार्य के लिए उन्हें हल्द्वानी बुलाते थे। उधार में दी गई रकम को बाद में काट लिया जाता था, लेकिन इस बार अधिकांश ठेकेदारों ने श्रमिकों को पैसे नहीं भेजे हैं, ऐसे में श्रमिक भी असमंजस की स्थिति में हैं।
प्रदेश की नदियों से खनन सत्र अक्टूबर में शुरू हो जाता था, लेकिन नदी में पानी और अधूरी तैयारियों की वजह से मामला दीपावली तक खिंच जाता था। बिहार, झारखंड आदि जगहों से आने वाले श्रमिक यहां टोलियों के हिसाब से पहुंच जाते थे। लेकिन इस बार स्थिति अलग बनी हुई है।
जनवरी में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से दस साल की खनन लीज भी खत्म हो जाएगी। आगे और अनुमति मिलने पर ही सत्र पूरा हो सकेगा। इस बात को लेकर भी श्रमिकों में असमंजस बना हुआ है। श्रमिक ठेकेदार का कहना है कि वाहन स्वामी मजदूरों को आने के पैसे नहीं भेज रहे हैं। इस बार समझ नहीं आ रहा कि नदी कब और कितने दिन चलेगी। खनन सत्र शुरू होने के हिसाब से ही मजदूरों से बात होगी।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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