अतिक्रमण पर हाईकोर्ट सख्त -जियो-मैपिंग रिपोर्ट 8 जनवरी से पहले तलब

खबर शेयर करें 👉

नैनीताल। सार्वजनिक स्थानों पर हुए अतिक्रमण को लेकर स्वतः संज्ञान में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने सचिव सिंचाई, सचिव लोक निर्माण विभाग, सचिव वन तथा गृह सचिव को अतिक्रमण चिन्हित करने के लिए जियो-मैपिंग कर विस्तृत रिपोर्ट 8 जनवरी से पूर्व प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी को निर्धारित की गई है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  ग्राफिक एरा भीमताल के लगातार तीसरे साल विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल हुए प्रो. बीपी जोशी


यह मामला नैनीताल जनपद के पदमपुरी क्षेत्र में वन विभाग की भूमि एवं सड़क किनारे हुए अतिक्रमण से जुड़ा है। इस संबंध में दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर शिकायत की थी। हाईकोर्ट ने पत्र को जनहित याचिका में परिवर्तित कर सुनवाई प्रारंभ की।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  Uknews-बेकाबू थार की टक्कर से बुजुर्ग की मौत -चार अस्पतालों में भटके परिजन, नहीं बची जान


कोर्ट ने पूर्व में राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों एवं प्रभागीय वन अधिकारियों (DFO) से अतिक्रमण हटाकर रिपोर्ट पेश कराई जाए। उल्लेखनीय है कि यह आदेश 17 अक्टूबर 2023 को पारित किया गया था, लेकिन अब तक इसका पूर्ण अनुपालन नहीं किया गया है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  पति को जिंदा जलाने के मामले में फरार प्रेमी-प्रेमिका की गिरफ्तारी के लिए नई पुलिस टीम गठित


खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि इस विषय में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का भी पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। आदेश की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने अब जियो-मैपिंग के माध्यम से अतिक्रमण की सटीक पहचान कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119