प्रेमी की सुनियोजित हत्या में प्रेमिका व साथी को उम्रकैद
नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल हरीश कुमार गोयल की अदालत ने षड्यंत्र के तहत प्रेमी की हत्या के मामले में प्रेमिका अमरीन जहाँ और उसके साथी राधेश्याम वाल्मीकि को आजीवन कारावास तथा 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार इंदिरा नगर, हल्द्वानी निवासी अमरीन जहाँ ने 2 जनवरी 2020 को अपने प्रेमी नाजिम को भीमताल घूमने के बहाने बहला-फुसलाकर ले गई। वहां चंदा देवी मंदिर के समीप उसने अपने दूसरे साथी राधेश्याम वाल्मीकि की मदद से नाजिम की गोली मारकर हत्या कर दी। नाजिम और अमरीन के बीच प्रेम संबंध थे, लेकिन बाद में नाजिम ने विवाह कर लिया था और अमरीन को खर्चा देना बंद कर दिया था, जिससे वह नाराज थी।
सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील शर्मा ने इसे सुनियोजित षड्यंत्र के तहत की गई हत्या बताते हुए अधिकतम दंड की मांग की। हालांकि अदालत ने बचन सिंह बनाम पंजाब राज्य के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि यह मामला ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए मृत्युदंड के बजाय आजीवन कारावास दिया गया।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि हत्या एक आपराधिक साजिश के तहत की गई, जिसमें मृतक नाजिम को सुनसान स्थान पर ले जाकर बेहद करीब से गोली मारी गई। कोर्ट ने कहा कि दोषियों का आचरण मानव जीवन के प्रति संवेदनहीनता दर्शाता है और अवैध हथियार का प्रयोग अपराध की गंभीरता को और बढ़ाता है।
कोर्ट ने अमरीन जहाँ को हत्या व साजिश के जुर्म में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। वहीं राधेश्याम वाल्मीकि को हत्या व साजिश के लिए आजीवन कारावास के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास की अतिरिक्त सजा सुनाई गई।
मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने की दिशा में अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि में से 40 हजार रुपये मृतक के कानूनी वारिसों को मुआवजे के रूप में दिए जाएं। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल को ‘उत्तराखंड पीड़ित मुआवजा योजना’ के तहत मृतक के आश्रितों को अतिरिक्त मुआवजा देने पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं। दोषियों को सजा काटने के लिए जिला जेल, नैनीताल भेज दिया गया है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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