ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर एएमआर के प्रति दिया जागरूकता का संदेश
भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल परिसर के कॉलेज ऑफ फार्मेसी की ओर से 25 सितंबर को विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर विशेषज्ञ व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “स्वस्थ भारत: एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) से मुकाबला” रही। कार्यक्रम में फार्मेसी के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग तथा बढ़ते ड्रग रेजिस्टेंस की चुनौती पर चर्चा की।

कार्यक्रम में मुख्य विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उत्तराखंड सरकार के फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, नैनीताल की ड्रग्स इंस्पेक्टर डॉ. अर्चना घटनोरी तथा कुमाऊं विश्वविद्यालय, भीमताल के एसजेसीबी के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की मॉलिक्यूलर बायोप्रॉस्पेक्शन एंड ऑन्कोबायोलॉजी लैब के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संतोष के. उपाध्याय ने व्याख्यान दिए।
परिसर निदेशक ने फार्मेसी को समाज के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाला नोबल प्रोफेशन बताते हुए विद्यार्थियों से फार्मासिस्ट की शपथ के प्रत्येक शब्द के महत्व को समझने और उसके सिद्धांतों का पेशेवर जीवन में पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए पेशे में ईमानदारी, नैतिकता और जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया तथा विद्यार्थियों को जनस्वास्थ्य के प्रति समर्पित होकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. अर्चना घटनोरी ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को क्लिनिकल और जनस्वास्थ्य के दृष्टिकोण से समझाया। उन्होंने केस आधारित उदाहरणों के माध्यम से संक्रमण की सही पहचान और उचित एंटीबायोटिक के चयन के महत्व को बताया। उन्होंने बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक लेने और इनके अनावश्यक उपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया। साथ ही, एएमआर की रोकथाम में फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन तथा एनसीडीसी जैसी नियामक एवं निगरानी संस्थाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
डॉ. संतोष के. उपाध्याय ने “Antimicrobial Resistance in Pathogenic Microbes: A Mechanistic Landscape of Drug-Resistance in Viruses, Bacteria, and Fungi” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि वायरस, बैक्टीरिया और फंगस जैसे सूक्ष्मजीव विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं के माध्यम से दवाओं के प्रति प्रतिरोध विकसित करते हैं। उन्होंने म्यूटेशन, प्लास्मिड और जीन ट्रांसफर की भूमिका के साथ विशेष रूप से बैक्टीरियल एएमआर पर चर्चा की। उन्होंने एंटीबायोटिक के दुरुपयोग, प्रतिरोधी स्ट्रेन और प्रतिरोधी संक्रमणों के उपचार की रणनीतियों की जानकारी देते हुए एंटीमाइक्रोबियल दवाओं की खोज के लिए व्यवस्थित शोध और नवीन दृष्टिकोणों की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने फार्मासिस्ट की शपथ भी दोहराई। कार्यक्रम में एएमआर के बढ़ते प्रभाव, एंटीबायोटिक के जिम्मेदार उपयोग तथा रोगी देखभाल और जनस्वास्थ्य के प्रति फार्मासिस्ट की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com

uttarakhand-14,500 फीट की ऊंचाई पर आदि कैलाश में बर्फबारी -चोटियों ने ओढ़ी सफेद चादर