साइबर ठगों का म्यूल खाता गिरोह बेनकाब, सितारगंज के दो लोगों पर मुकदमा
सितारगंज। साइबर ठगों द्वारा म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल का एक और मामला सामने आया है। ठगों ने सितारगंज के एक ग्रामीण का बैंक खाता खुलवाकर उसमें ठगी की रकम डलवाई और एटीएम के जरिए रुपये निकाल लिए। जांच में खुलासा हुआ है कि इस खाते से जुड़े साइबर ठगी के मामले देहरादून और जयपुर में दर्ज हैं। पुलिस ने खाताधारक समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसएसआई राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि साइबर सेल से प्राप्त म्यूल खातों की सूची के आधार पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र की सितारगंज शाखा में कुलदीप कुमार पुत्र रामअवतार, निवासी लालरखास के नाम से खुला खाता संदिग्ध पाया गया। यह खाता पांच अप्रैल को खोला गया था।
पुलिस पूछताछ में कुलदीप ने बताया कि वह मजदूरी करता है और उसके पड़ोस में किराये पर रहने वाले राजेश कुमार पुत्र सोमपाल, निवासी बनकुईयां गोठा, हाल निवासी वार्ड छह नहरपार ने पैसों का लालच देकर उससे खाता खुलवाया था। आरोप है कि राजेश ने कहा था कि खाते में आने वाली रकम से कुलदीप का कोई लेना-देना नहीं रहेगा और बदले में उसे प्रति सप्ताह 500 रुपये दिए जाएंगे। लालच में आकर कुलदीप ने खाता खुलवा दिया।
कुलदीप ने यह भी बताया कि राजेश ने इसी तरह कई अन्य लोगों के भी खाते खुलवाए हैं। एसएसआई के अनुसार, इस खाते से ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की दो शिकायतें दर्ज हैं। पहली शिकायत पांच अक्तूबर को देहरादून के विद्या विहार निवासी सोनी नायडू ने और दूसरी जयपुर के भंगरोटा निवासी पिंकी पुत्री भगवान सहाय शर्मा ने दर्ज कराई थी।
खाते में पांच अक्तूबर को 22 हजार और पांच हजार रुपये जमा हुए थे, जिनमें से 20 हजार रुपये एटीएम के जरिए निकाल लिए गए। पुलिस ने कुलदीप और राजेश के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com
UP…गरीबी बनी मौत की वजह! मासूम रेप पीड़िता को इलाज से ठुकराने वाले अस्पतालों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त प्रहार
उत्तराखंड…36 लाख के गबन में डाकपाल दोषी —अदालत ने सुनाई तीन साल की सजा
उत्तराखंड…हाईकोर्ट का सख्त रुख : पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता अवमानना के दोषी –10 दिन में आदेश नहीं माना तो भुगतनी होगी सजा