अर्धकुंभ को ‘कुंभ’ बताने पर हाईकोर्ट सख्त -धार्मिक भावना का मामला बताकर सरकार को प्रत्यावेदन देने के निर्देश
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्धकुंभ को सरकार द्वारा ‘कुंभ’ के रूप में प्रचारित किए जाने और इसके आधार पर केंद्र सरकार से बड़े बजट की मांग किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। हालांकि अदालत ने याचिकाकर्ता को अपना पक्ष राज्य सरकार के समक्ष प्रत्यावेदन के रूप में रखने की सलाह दी है।

मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि यह विषय धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है, इसलिए पहले सरकार के समक्ष उचित मंच पर प्रतिनिधित्व किया जाना चाहिए।
याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका में कहा था कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में अर्धकुंभ का आयोजन होना है, लेकिन राज्य सरकार इसे ‘कुंभ’ बताकर प्रचारित कर रही है, जो धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं के विपरीत है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि कुंभ के नाम पर केंद्र से अधिक बजट प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
हाईकोर्ट ने याचिका पर हस्तक्षेप से इनकार करते हुए इसे निरस्त कर दिया और याचिकाकर्ता को राज्य सरकार के समक्ष अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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