पहलगाम हमला : सैन्य वर्दी में थे आतंकी, 70 राउंड गोलीबारी की -अब तक क्या-क्या सामने आया?

खबर शेयर करें 👉


श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई है। सुरक्षाबल अब आतंकियों की तलाश में जुटे हैं। इस बीच प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कम से कम 4 आतंकियों ने घटना को अंजाम दिया है और उनके पास अमेरिका में बनी असॉल्ट राइफल और एके-47 जैसे हथियार थे। शक है कि 2 आतंकी विदेशी थे।


घटनास्थल से करीब 50-70 कारतूस के खोखे बरामद किए गए हैं। एक सूत्र ने कहा, घास के मैदान में पहुंचने के बाद आतंकवादियों ने पहले पर्यटकों को बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया और फिर सभी महिलाओं और बच्चों को दूर रहने को कहा। पहचान के बारे में पूछताछ करने के बाद उन्होंने नजदीक से गोली चलाई। बाद में उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
इस सूत्र ने बताया कि हमला करीब 20 से 25 मिनट तक चला।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  दिल्ली में प्रदर्शन के लिए अब जंतर-मंतर नहीं, तीन नए स्थल निर्धारित


सूत्र ने कहा, हत्या के बाद आतंकवादी मौके से भाग गए। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि आतंकवादी किश्तवाड़ से सीमा पार कर अपने स्थानीय गुर्गों की मदद से कोकरनाग के रास्ते बैसरन पहुंचे। सूत्र के अनुसार, खुफिया एजेंसियों ने कुछ दिन पहले एक अलर्ट भेजा था कि एक आतंकवादी समूह ‘गैर-स्थानीय लोगों’ पर हमले की योजना बना रहा है और आइईडी हमले की भी संभावना है, लेकिन ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई थी। जांच में सामने आया है कि आतंकियों ने पूरे हमले की वीडियोग्राफी की। इसके लिए उन्होंने बॉडीकैम पहन रखे थे।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  UKnews-फर्जी प्रमाणपत्रों से एमबीबीएस सीट आवंटन मामले में जनाधार केंद्र बंद, तीन कर्मचारी हटाए


आतंकियों ने हमले से पहले स्थानीय मददगार और ओवर ग्राउंड वर्कर्स के साथ मिलकर इलाके की रेकी भी की थी। खुफिया एजेंसियों ने शीर्ष लश्कर कमांडर सैफुल्लाह कसूरी उर्फ खालिद और 2 पाक अधिकृत कश्मीर स्थित आतंकवादियों को इस हमले का मास्टरमाइंड बताया है। खबर है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम घटनास्थल पर पहुंच रही है। जांचकर्ताओं का मानना है कि आतंकवादियों ने हमले के लिए बैसरन को इसलिए चुना, क्योंकि इस इलाके में सुरक्षा बलों की खास मौजूदगी नहीं थी।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  चकराता में पेड़ से टकराए बिजली के तार -करंट लगने से बुजुर्ग की मौत, बहू गंभीर


इसके अलावा पहलगाम से करीब 6.5 किलोमीटर दूर इस इलाके में पहुंचने के लिए केवल पैदल चलकर या घोड़ों के जरिए ही पहुंचा जा सकता है। इस वजह से सुरक्षाबलों को पहुंचने में देरी लगेगी और आतंकियों को भागने के लिए ज्यादा समय मिल सकेगा।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119