ट्रेन में मोबाइल पर तेज आवाज में वीडियो चलाया तो खैर नहीं! -₹1,000 जुर्माना और 6 महीने की जेल का दावा
–रेलवे ने सहयात्रियों की परेशानी रोकने के लिए कसी कमर, हेडफोन इस्तेमाल करने की अपील; नियम लागू कराने की चुनौती भी कम नहीं
नई दिल्ली। ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल फोन पर तेज आवाज में गाने सुनना, वीडियो चलाना या ऊंची आवाज में बातचीत करना अब भारी पड़ सकता है। सहयात्रियों की सुविधा और शांति बनाए रखने के लिए भारतीय रेलवे ने ऐसे मामलों पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी की है। दक्षिणी रेलवे ने 6 अक्टूबर को जारी एक परिपत्र में यात्रियों को मोबाइल फोन के अनुचित इस्तेमाल से बचने की हिदायत दी है। खबर में उल्लंघन पर 1,000 रुपये तक जुर्माने और छह महीने तक की जेल का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दंडों के लिए लागू कानूनी प्रावधानों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
स्पीकर पर वीडियो चलाने वालों पर नजर
रेलवे की योजना के तहत सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को जागरूक किया जाएगा। उन्हें ट्रेन और रेलवे परिसर में मोबाइल फोन पर तेज आवाज में संगीत या वीडियो नहीं चलाने की सलाह दी जाएगी। स्पीकर मोड पर वीडियो चलाने और इस तरह दूसरों को परेशान करने वाले व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। तेज आवाज में बातचीत से सहयात्रियों को होने वाली परेशानी भी चिंता का विषय है।
‘रेल मदद’ पर मिलीं लगातार शिकायतें
रेलवे को ‘रेल मदद’ शिकायत निवारण प्रणाली के जरिए यात्रियों की ओर से शिकायतें मिली हैं। इनमें एसी कोचों में सहयात्रियों द्वारा तेज आवाज में संगीत और वीडियो चलाने की शिकायतें भी शामिल हैं। इससे खासकर रात के समय आराम कर रहे यात्रियों, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी होती है।
मोबाइल इंटरनेट और वीडियो प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सार्वजनिक स्थानों पर बिना हेडफोन के वीडियो चलाने की प्रवृत्ति भी बढ़ी है। ऐसे में रेलवे का जोर यात्रियों को अनुशासित करने और दूसरों की सुविधा का ध्यान रखने पर है।
उत्तर और पश्चिम रेलवे भी सख्ती के पक्ष में
खबर के मुताबिक, उत्तर रेलवे और पश्चिम रेलवे ने भी ट्रेनों में मोबाइल फोन के अनुचित इस्तेमाल से यात्रियों को होने वाली परेशानी रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यात्रियों को हेडफोन इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना जरूरी है, ताकि किसी दूसरे यात्री की यात्रा में खलल न पड़े।
सिर्फ सर्कुलर से कैसे रुकेगी मनमानी?
रेलवे की इस पहल के सामने सबसे बड़ी चुनौती नियमों का प्रभावी पालन कराना है। यात्री संगठनों ने कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया है। नागपुर स्थित रेलवे यात्री संघ के प्रतिनिधि बसंत कुमार शुक्ला के मुताबिक, केवल परिपत्र जारी कर देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। रेलवे सुरक्षा बल के जवानों और ट्रेन टिकट परीक्षकों की कमी के चलते अनधिकृत प्रवेश, बर्थ पर कब्जे और साफ-सफाई जैसी समस्याओं पर भी असर पड़ता है।
यात्रियों के लिए साफ संदेश
ट्रेन में सफर करते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल दूसरों की सुविधा को ध्यान में रखकर करें। संगीत सुनना हो या वीडियो देखना, हेडफोन का उपयोग करें और फोन की आवाज सीमित रखें। रेलवे की पहल तभी सफल होगी, जब यात्री जिम्मेदारी निभाएंगे और संबंधित अधिकारी नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करेंगे।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com



UK-महिला दरोगा को थप्पड़ मारने और पिस्टल तानने का आरोप, एसओजी सिपाही सस्पेंड
विजयदशमी सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक : अजय भट्ट