आग से झुलसकर शिक्षिका की संदिग्ध मौत -मां ने शव लेने से किया इनकार, पड़ोसियों ने निभाया अंतिम संस्कार का फर्ज
रुद्रपुर। कौशल्या कॉलोनी में आग से झुलसकर हुई शिक्षिका सुषमा पंत (52) की संदिग्ध मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस में दिल दहला देने वाला दृश्य देखने को मिला। मृतका की मां ने बेटी का जला हुआ शव देखकर लेने से इंकार कर दिया।
बुधवार सुबह सुषमा की मां ने पुलिस से पूछा—“मेरी बेटी कितनी जली है?” शव देखने के बाद उनकी आंखें नम हुईं, लेकिन उन्होंने कहा—“हमारा रिश्ता कई साल पहले खत्म हो चुका है, मैं शव नहीं ले जा सकती।” यह कहकर वह चली गईं। कुछ देर तक सन्नाटा छाया रहा, फिर कॉलोनी के लोगों ने आगे बढ़कर शिक्षिका का अंतिम संस्कार किया।
सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि मां द्वारा शव लेने से इनकार करने पर उसे कॉलोनीवासियों को सौंपा गया, जिन्होंने ही अंतिम संस्कार किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सुषमा की मौत आग में जलने और पेट फटने से हुई। गला दबाने या दम घुटने के कोई निशान नहीं मिले। घर की तलाशी में पुलिस को एक डायरी और पेन बरामद हुआ।
अल्मोड़ा मूल की सुषमा पंत सिरोलीकलां प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापिका थीं और करीब 15 साल से आजमगढ़ निवासी अजय मिश्रा के साथ रह रही थीं। अजय ने बताया कि वह मंगलवार दोपहर लौटा तो सुषमा जलती हालत में पड़ी थी।
पुलिस ने केयरटेकर अजय से पूछताछ की है और घटना स्थल पर क्राइम सीन रिक्रिएट किया। सुषमा का मोबाइल कब्जे में लेकर हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच जारी है। पुलिस ने कहा कि जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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