पकड़ा गया फर्जी सूबेदार, अग्निवीर बनाने के नाम पर ठगी, दर्जनों युवाओं से हड़प चुका रुपए
रुद्रपुर। सेना में अग्निवीर बनाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से लाखों की ठगी करने वाला फर्जी आर्मी सूबेदार गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से कई लोगों के शैक्षिक दस्तावेज, अग्निवीर परीक्षा के एडमिट कार्ड, मोबाईल फोन, आर्मी पहचान पत्र, 12 क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड, विभिन्न बैंकों के करीब 41 लाख रुपए के 26 चेक व आल्टो कार बरामद हुए हैं।
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि तपस मण्डल निवासी प्रतापपुर नम्बर 4, थाना नानकमत्ता जनपद ऊधमसिंह नगर ने विक्की मण्डल निवासी शक्तिफार्म, सितारगंज तथा पंकज सिंह बडेला निवासी ग्राम मछियाड़ थाना रीठा साहिब, जनपद चम्पावत द्वारा आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर खुद के व अन्य लोगों के ओरिजनल प्रमाण पत्र व 50 हजार रुपये नकद लेने की शिकायत की थी।
भर्ती न होने पर युवक ने जब अपने रुपये व प्रमाण पत्र वापस मांगे तो गत वर्ष आरोपियों ने उन्हें ग्राम जयनगर थाना दिनेशपुर बुलाकर गाली गलौच, मारपीट की और तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। चार नवंबर को ही पुलिस ने जगदीशपुर मोड़ दिनेशपुर से आरोपी विक्की मण्डल तथा पंकज सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। इस प्रकरण में सरगना सूबेदार गोबिन्द सिंह नयाल फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयासरत थी। रानीखेत अल्मोड़ा, बरेली आदि स्थानों पर दबिश दी गयी परन्तु शातिर अभियुक्त लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा।
दिनेशपुर थानाध्यक्ष अनिल उपाध्याय ने उसे पकड़ कर ही दम लिया। एसओ अनिल उपाध्याय के साथ एसआई दीवान सिंह बिष्ट व प्रमोद कुमार ने नाई गांव, शहर फाटक थाना मुक्तेश्वर, नैनीताल निवासी सूबेदार गोबिन्द सिंह नयाल को हल्द्वानी में बृजलाल हॉस्पिटल के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसकी आल्टो कार के आगे पीछे शीशे पर डिफेन्स लिखा हुआ था। इसके साथ ही उसके पास से फर्जी आई कार्ड भी मिला है।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com

uttarakhand-कैमरे के सामने रफ्तार का जुनून बना मौत का कारण -हेलमेट भी नहीं बचा सका यूट्यूबर आस मोहम्मद
uttarakhand-खस्ताहाल सड़क ने छीनी बहन की जिंदगी, राखी बांधने निकली अनामिका की मौत