हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी -कहा, प्रदेश में जंगलों की आग अब ‘त्योहार’ जैसी हो गई है
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फायर सीजन के दौरान प्रदेश के जंगलों में बार-बार लगने वाली आग के मामलों पर स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका सहित कई अन्य याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की।
मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य सरकार पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि “प्रदेश में जंगलों में आग लगना अब एक त्योहार की तरह हो गया है और राज्य सरकार इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है।”
न्यायालय ने कहा कि इन आगजनी की घटनाओं से न केवल पर्यावरणीय क्षति हो रही है, बल्कि जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों और आम नागरिकों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2017 से सरकार को इस विषय पर बार-बार निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक उन आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया है।
खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि आगामी सोमवार तक कोर्ट में यह रिपोर्ट पेश की जाए कि अब तक पूर्व में दिए गए दिशा-निर्देशों पर कितना अमल किया गया है। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि आने वाले सोमवार के लिए नियत की है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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