शीशमहल कांड : सुप्रीम कोर्ट से आरोपियों को बरी किए जाने पर सरकार दायर करेगी पुनर्विचार याचिका
–नैनीताल पुलिस ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया, जनता में गहरा आक्रोश
नैनीताल। शीशमहल, काठगोदाम में 11 साल पहले 7 वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरोपियों को बरी किए जाने पर राज्य सरकार अब पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की तैयारी में है।
एसएसपी नैनीताल को थानाध्यक्ष काठगोदाम ने रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को चुनौती देने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में बताया गया कि अख्तर अली को पोक्सो कोर्ट ने मृत्युदंड, प्रेमपाल वर्मा को 7 वर्ष की सजा दी थी। हाईकोर्ट ने सजा बरकरार रखी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 10 सितंबर 2025 को साक्ष्यों की कमी के आधार पर दोनों को बरी कर दिया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि महत्वपूर्ण साक्ष्यों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया, जैसे डीएनए रिपोर्ट, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अभियुक्तों का घटनास्थल से फरार होना। जनता में आक्रोश को देखते हुए राज्य सरकार जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com

उत्तराखंड…मानसून को लेकर सख्त हुए कुमाऊँ आयुक्त –आपदा परिचालन केंद्र को 24 घंटे अलर्ट मोड में रखने के निर्देश