एमडीडीए में गांधी-शास्त्री जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित -सत्य-अहिंसा और सादगी के आदर्शों को अपनाने का संकल्प

खबर शेयर करें 👉

देहरादून, 2 अक्टूबर 2026। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दोनों महान विभूतियों का भावपूर्ण स्मरण किया गया। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बर्निया सहित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इसके बाद आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने गांधी और शास्त्री के जीवन, विचारों तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता के माध्यम से समाज को नई दिशा दी, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  गांधी-शास्त्री जयंती पर GEHU में गूंजा स्वच्छता का संदेश, जग्गीबंगर में छात्रों ने किया श्रमदान

गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक : बंशीधर तिवारी

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित था। उन्होंने शांति, सद्भाव और मानवता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। गांधी के विचार आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि गांधी जी ने स्वच्छता को केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी माना। उनके विचारों को व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  पिथौरागढ़ में स्मैक की बड़ी खेप पकड़ी: 40.78 ग्राम नशे के साथ युवक और सैनिक की पत्नी गिरफ्तार

शास्त्री का सादगीपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा की मिसाल : मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने लाल बहादुर शास्त्री के जीवन को याद करते हुए कहा कि उनकी सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी प्रेरणास्रोत है। सीमित साधनों और सरल जीवनशैली के बावजूद शास्त्री जी ने अपने आचरण एवं निर्णयों से नेतृत्व की मिसाल पेश की।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  uk.भालू के हमले में गंभीर घायल महिला की मौत -स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ का उद्घोष देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र में जवानों तथा किसानों के योगदान के महत्व को रेखांकित करता है। दोनों महान विभूतियों के जीवन से ईमानदारी, अनुशासन, त्याग, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की सीख मिलती है।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने जीवन एवं कार्यशैली में अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्राधिकरण के विभिन्न अनुभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119