Uk…पॉक्सो-रेप मामले में हाईकोर्ट का फैसला : विजय बहादुर की 12 साल की सजा घटाकर 10 वर्ष की
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति रवींद्र मैठानी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने वर्ष 2017 के पॉक्सो एवं दुष्कर्म मामले में सजायाफ्ता विजय बहादुर की आपराधिक जेल अपील पर फैसला सुनाया है। अदालत ने अभियुक्त की दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए उसकी 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा घटाकर 10 वर्ष कर दी।
मामला बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र का है। विशेष सत्र न्यायाधीश, पॉक्सो, बागेश्वर ने फरवरी 2018 में विजय बहादुर को 10 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए 12 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
अभियोजन के अनुसार, मजदूरी करने वाले परिवार की नाबालिग बच्ची को अभियुक्त अपने तंबू में ले गया था, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। मामले में पीड़िता का भाई प्रत्यक्षदर्शी गवाह था।
हाईकोर्ट ने अपील पर सुनवाई के दौरान एफआईआर दर्ज कराने में हुई देरी और एफएसएल रिपोर्ट से जुड़े तर्कों पर भी विचार किया। अदालत ने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद पीड़िता और उसके प्रत्यक्षदर्शी भाई के बयान सुसंगत और विश्वसनीय हैं। मेडिकल जांच में हाइमन रप्चर की पुष्टि को भी अदालत ने अभियोजन के मामले के समर्थन में महत्वपूर्ण माना।
खंडपीठ ने निचली अदालत द्वारा दी गई दोषसिद्धि को सही ठहराया। हालांकि, अदालत ने यह तथ्य भी ध्यान में रखा कि अभियुक्त अब तक 9 वर्ष 2 महीने से अधिक की सजा काट चुका है। इस आधार पर उसकी 12 वर्ष की कठोर कारावास की सजा को घटाकर 10 वर्ष कर दिया गया।
अदालत ने इस संशोधन के साथ आपराधिक जेल अपील का आंशिक रूप से निस्तारण कर दिया।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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