UKnews-सोशल मीडिया पर किशोरियों को फंसा रहे साइबर ठग -एआई से अश्लील तस्वीरें बनाकर ब्लैकमेलिंग
हल्द्वानी। सोशल मीडिया पर किशोरियों को निशाना बनाकर साइबर ब्लैकमेलिंग के मामले सामने आ रहे हैं। साइबर ठग इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर पहले किशोरियों से दोस्ती करते हैं और फिर प्यार का झांसा देकर उनका भरोसा जीतते हैं। इसके बाद वीडियो कॉल के स्क्रीनशॉट और तस्वीरों का दुरुपयोग कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से अश्लील तस्वीरें तैयार की जाती हैं। इन तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर किशोरियों से रुपये ऐंठे जा रहे हैं। कुमाऊं में इस साल किशोरियों से जुड़े ऐसे करीब एक दर्जन मामले सामने आ चुके हैं।
साइबर विशेषज्ञ बिहारी लाल कुशवाहा के अनुसार, साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर किशोरियों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर संपर्क बढ़ाते हैं। बातचीत के दौरान दोस्ती और प्यार का भरोसा दिलाकर निजी जानकारियां और तस्वीरें हासिल करने की कोशिश करते हैं। बाद में इन्हीं तस्वीरों का दुरुपयोग कर पीड़ितों को ब्लैकमेल किया जाता है। बदनामी के डर से कई किशोरियां शुरुआत में इसकी जानकारी परिजनों को भी नहीं दे पातीं।
एआई से तस्वीरों का दुरुपयोग कर रहे अपराधी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स के जरिए किसी व्यक्ति की असली तस्वीर में बदलाव कर अश्लील या भ्रामक तस्वीरें बनाई जा सकती हैं। साइबर अपराधी ऐसी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी देकर पीड़ितों पर दबाव बनाते हैं और उनसे रुपये की मांग करते हैं। इस तरह की घटनाओं से किशोरियों को मानसिक तनाव, डर और सामाजिक बदनामी की आशंका का सामना करना पड़ सकता है।
दो छात्राओं को बनाया निशाना
केस-1: मुखानी में नौवीं की छात्रा से ठगी
मुखानी कोतवाली क्षेत्र की नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा को साइबर ठगों ने सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों ने वीडियो कॉल के दौरान स्क्रीनशॉट लेकर छात्रा की तस्वीर हासिल की और एआई की मदद से अश्लील तस्वीर तैयार कर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। तस्वीर वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से किस्तों में करीब 10 हजार रुपये ठग लिए गए। आरोपियों की ओर से लगातार सोशल मीडिया पर संपर्क कर रकम मांगी जाती रही। परेशान होकर छात्रा के परिजन साइबर सेल पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
केस-2: हल्द्वानी में 12वीं की छात्रा को दी धमकी
हल्द्वानी क्षेत्र की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा को भी साइबर ठगों ने दोस्ती के बहाने अपने जाल में फंसाया। इसके बाद आरोपी कभी 500 तो कभी 1,000 रुपये मांगने लगे। छात्रा को उसकी अश्लील तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जा रही थी। जब आरोपियों की मांग और धमकियां बढ़ने लगीं तो छात्रा ने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद मामले की शिकायत साइबर पुलिस से की गई।
साइबर ब्लैकमेलिंग होने पर यहां करें शिकायत
साइबर ब्लैकमेलिंग का शिकार होने पर घबराकर आरोपियों को पैसे न दें। चैट, स्क्रीनशॉट, संदिग्ध प्रोफाइल के लिंक और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। बच्चों से संबंधित मामलों में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की मदद भी ली जा सकती है।
अंजान कॉल और मैसेज से रहें सतर्क: आईजी
कुमाऊं की आईजी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि बच्चे हों, युवा हों या बुजुर्ग, साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से किसी को भी अपना शिकार बना सकते हैं। ऐसे में सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने अंजान कॉल और मैसेज से दूरी बनाए रखने तथा सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने की अपील की।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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