UKnews-हल्द्वानी में चार हजार ई-रिक्शों के दस्तावेजों की होगी जांच -बिना पंजीकरण चलने पर होंगे सीज

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हल्द्वानी। शहर में बिना वैध बिक्री लाइसेंस के ई-रिक्शा बेचने और उनका पंजीकरण नहीं होने का मामला सामने आने पर आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने आरटीओ को हल्द्वानी में संचालित सभी करीब चार हजार ई-रिक्शों के पंजीकरण और दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। बिना पंजीकरण सड़क पर दौड़ते वाहन मिलने पर उन्हें सीज करने के साथ संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध रूप से ई-रिक्शा बेचने वाली दुकानों और प्रतिष्ठानों की भी जांच होगी।

शनिवार को कैंप कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान ई-रिक्शों की बिक्री में अनियमितता की शिकायत सामने आई। शिकायतकर्ता सुरेश मौर्य ने बताया कि उन्होंने जमीर अहमद से ई-रिक्शा खरीदा था, लेकिन वाहन का पंजीकरण नहीं हो सका। जांच में पता चला कि संबंधित फर्म का व्यावसायिक लाइसेंस नवीनीकृत नहीं था। इसके चलते कई लोगों द्वारा खरीदे गए ई-रिक्शों का पंजीकरण अटका हुआ है।

आयुक्त ने जमीर अहमद को तलब कर मामले की जानकारी ली और प्रभावित लोगों की धनराशि वापस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना बिक्री लाइसेंस के व्यावसायिक रूप से वाहन बेचना और बिना पंजीकरण उन्हें सड़क पर चलाना मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। एआरटीओ एसके सिंह ने बताया कि शहर में करीब चार हजार ई-रिक्शा संचालित हैं। आयुक्त ने सभी वाहनों के दस्तावेजों की जांच करने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करने को कहा। उनके हस्तक्षेप पर शिकायतकर्ता सुरेश मौर्य को मौके पर ही 25 हजार रुपये वापस दिलाए गए।

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बिठौरिया निवासी रोहित कुमार ने ई-रिक्शा खरीदने में धोखाधड़ी की शिकायत की। इस पर आयुक्त ने संबंधित पक्ष को एक सप्ताह के भीतर वाहन का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। एआरटीओ को भी मामले में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

जनसुनवाई में वाहन बेचने के बाद आरटीओ कार्यालय में स्वामित्व हस्तांतरण नहीं कराने का मामला भी सामने आया। आयुक्त ने कहा कि वाहन बिक्री के बाद नियमानुसार नामांतरण कराना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में वाहन से होने वाली दुर्घटना की जिम्मेदारी भी संबंधित वाहन स्वामी पर तय हो सकती है। ईसाई लामाचौड़ निवासी मनवीर सिंह के मामले में जांच के दौरान वाहन का हस्तांतरण किए बिना बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई। इस पर आयुक्त ने एआरटीओ को नियमानुसार 18 हजार रुपये जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। एक अन्य मामले में वाहन बेचने के बाद चालान की धनराशि जमा नहीं करने पर भी नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

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फतेहपुर निवासी गरिमा रावत ने शिकायत की कि कई बार पूछने के बावजूद क्षेत्रीय लेखपाल उन्हें उनकी भूमि का अंश और विवरण उपलब्ध नहीं करा रहा है। इस पर आयुक्त ने लेखपाल को फटकार लगाते हुए तीन दिन के भीतर भूमि का अंश निकालकर शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अवधि में लेखपाल को अवकाश नहीं लेने को भी कहा।

रामड़ी आनसिंह क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़ी पारंपरिक घराट (पनचक्की) को दोबारा चालू करने की मांग भी जनसुनवाई में उठी। ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़ ने बताया कि क्षेत्र की यह ऐतिहासिक पनचक्की लंबे समय से बंद है। आयुक्त ने मुख्य अभियंता सिंचाई एसके शुक्ला से जानकारी लेकर घराट को दोबारा चालू करने के लिए शीघ्र स्टीमेट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक घराट उत्तराखंड की अमूल्य और पर्यावरण के अनुकूल धरोहर हैं। इनके पुनरुद्धार से लोक संस्कृति के संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों को पौष्टिक आटा उपलब्ध होगा। घराट का संचालन महिला सहायता समूह के माध्यम से कराने की योजना है।

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ओखलकांडा के बड़ौन गांव निवासी गणेश सिंह ने घोड़े की मृत्यु के बाद बीमा राशि का भुगतान नहीं होने की शिकायत की। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली और वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी को फटकार लगाई। उन्होंने सवाल किया कि यदि घोड़े का बीमा नहीं हुआ था तो पशुपालक को समय रहते इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। आयुक्त ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और अपर निदेशक पशुपालन विभाग कुमाऊं मंडल आरएस को प्रकरण की विभागीय जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने, प्राधिकरण में नक्शा पास होने में देरी, 42 लाख रुपये देने के बाद भी प्लॉट नहीं मिलने, भूमि पर जबरन कब्जा और विद्युत पोल हटाने से संबंधित शिकायतें भी पहुंचीं। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। वहीं, वसूली और भवन निर्माण के नाम पर अवैध धनराशि मांगने से जुड़ी शिकायतों पर दोनों पक्षों को सुनकर सहमति के आधार पर समाधान कराया गया।

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