UKNews-इंस्टाग्राम पर विदेशी अमीर बनकर महिलाओं को फंसाते हैं साइबर ठग -गिफ्ट-पार्सल के नाम पर लाखों की ठगी
हल्द्वानी में तीन महिलाएं बनीं शिकार, 5.19 लाख रुपये से अधिक की रकम ठगी -रोमांस और गिफ्ट पार्सल स्कैम से रहें सतर्क
देहरादून। सोशल मीडिया पर दोस्ती, प्यार और महंगे उपहारों का लालच देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह ने लोगों को फंसाने का नया तरीका अपनाया है। इंस्टाग्राम पर विदेशी नागरिक, अमीर कारोबारी, डॉक्टर, पायलट या सैन्य अधिकारी बनकर महिलाओं से दोस्ती की जाती है। इसके बाद विदेश से महंगे उपहार भेजने का झांसा देकर कस्टम ड्यूटी और पार्सल क्लियरेंस के नाम पर लाखों रुपये ठग लिए जाते हैं। हल्द्वानी में सामने आए तीन मामलों ने साइबर अपराध के इस तरीके को उजागर किया है।
साइबर सेल में तैनात विशेषज्ञ एसआई बीएल कुशवाहा ने बताया कि साइबर अपराधी इंस्टाग्राम के जरिए महिलाओं को निशाना बनाते हैं। पहले विदेशी नागरिक होने का दावा कर दोस्ती करते हैं और खुद को अमीर एवं प्रभावशाली व्यक्ति बताकर विश्वास जीतते हैं। धीरे-धीरे बातचीत को भावनात्मक रिश्ते में बदल दिया जाता है। इसके बाद महंगे गिफ्ट, विदेशी मुद्रा और सोने के आभूषण भेजने का वादा किया जाता है।
एयरपोर्ट और कस्टम अधिकारी बनकर करते हैं ठगी
ठगी का असली खेल उस समय शुरू होता है, जब महिला को किसी अनजान नंबर से फोन आता है। फोन करने वाला खुद को एयरपोर्ट या कस्टम विभाग का अधिकारी बताकर कहता है कि विदेश से आया पार्सल रोक लिया गया है। पार्सल में सोना, विदेशी मुद्रा या प्रतिबंधित सामान होने की बात कहकर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया जाता है।
इसके बाद कस्टम ड्यूटी, पार्सल क्लियरेंस फीस और जुर्माने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने को कहा जाता है। बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से पीड़ित महिलाएं पैसे जमा करती रहती हैं। ठगी का अहसास होने तक आरोपी संपर्क तोड़ चुके होते हैं।
तीन महिलाओं से 5.19 लाख रुपये से अधिक की ठगी
हल्द्वानी में सामने आए तीन मामलों में एक महिला को विदेशी नागरिक बनकर साइबर ठग ने अपने जाल में फंसाया। आरोपी ने महंगे उपहार भेजने का भरोसा दिलाया। इसके बाद एयरपोर्ट से फोन कर पार्सल में मादक पदार्थ होने की बात कही गई और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर महिला से करीब 3.50 लाख रुपये ठग लिए गए।
इसी तरह दूसरी महिला से 1.20 लाख रुपये और एक मिस्त्री की पत्नी से 49 हजार रुपये की ठगी की गई। तीनों मामलों में ठगी का तरीका लगभग एक जैसा बताया गया है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए चल रहा खेल
साइबर अपराध की दुनिया में इस तरह की ठगी को आमतौर पर रोमांस स्कैम या गिफ्ट पार्सल स्कैम कहा जाता है। ऐसे गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम और डेटिंग ऐप्स पर विदेशी डॉक्टर, पायलट, कारोबारी या सैन्य अधिकारी की फर्जी पहचान बनाकर लोगों से दोस्ती करते हैं। भावनात्मक विश्वास कायम होने के बाद महंगे उपहार भेजने का झांसा दिया जाता है।
गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते हैं। कोई सोशल मीडिया पर दोस्ती करता है, कोई कस्टम अधिकारी बनकर फोन करता है और अन्य सदस्य बैंक खातों के जरिए रकम हासिल करते हैं। ऐसे मामलों में नाइजीरिया से जुड़े अपराधियों की संलिप्तता भी सामने आती रही है, हालांकि प्रत्येक मामले में आरोपियों की राष्ट्रीयता और नेटवर्क की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी
पुलिस की ओर से लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय उनकी पहचान की पुष्टि करना जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए। कस्टम या एयरपोर्ट अधिकारी के नाम पर फोन आने पर संबंधित विभाग से आधिकारिक माध्यम से जानकारी लेनी चाहिए।
गिफ्ट-पार्सल साइबर ठगी से ऐसे बचें
- सोशल मीडिया पर विदेशी नागरिक बनकर दोस्ती करने वालों की पहचान सत्यापित करें।
- अनजान व्यक्ति के महंगे गिफ्ट और विदेश से पार्सल भेजने के वादे पर भरोसा न करें।
- कस्टम ड्यूटी, पार्सल क्लियरेंस या जुर्माने के नाम पर निजी बैंक खातों में पैसे न भेजें।
- एयरपोर्ट या कस्टम अधिकारी बनकर फोन करने वालों की बातों में न आएं।
- गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई की धमकी मिलने पर घबराएं नहीं, संबंधित विभाग से आधिकारिक माध्यम से संपर्क करें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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