उत्तराखंड : कैंचीधाम क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी -12 खाद्य नमूने जांच को भेजे
-एक दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, एफएसएस एक्ट के उल्लंघन पर एक दुकानदार को नोटिस
नैनीताल। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को कैंचीधाम क्षेत्र के खींना पानी, सुयालबाड़ी, काकड़ीघाट, छड़ा, खैरना, गरमपानी और कैंचीधाम सहित विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया। संयुक्त टीम ने मिठाई की दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट और किराना प्रतिष्ठानों सहित एक दर्जन से अधिक विक्रेताओं के यहां जांच की।
निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता पर संदेह होने पर अलग-अलग प्रतिष्ठानों से सोनपापड़ी, शहद, बाल मिठाई, खोया, गुलाब जामुन और सरसों के तेल के छह नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। वहीं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर एक प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया। विभाग ने 15 दिन के भीतर निर्देशों का पालन नहीं करने पर कोर्ट चालान की कार्रवाई की चेतावनी दी है। संबंधित प्रावधानों के तहत धारा 55 में दो लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। टीम ने दुकानदारों को कालातीत खाद्य सामग्री के लिए अलग ड्रॉप बॉक्स रखने के निर्देश भी दिए।
इसी क्रम में वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में भीमताल और भवाली क्षेत्र में भी 10 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान पेठा, बेसन के लड्डू, बूंदी के लड्डू, बताशा और बेसन सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के छह नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए जनपद में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने, बिना बिल के खाद्य पदार्थों की खरीद नहीं करने, स्टॉक का पूरा विवरण रखने तथा खराब और कालातीत खाद्य सामग्री का भंडारण व बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। दुकानों और गोदामों में नियमित साफ-सफाई रखने तथा आवश्यकतानुसार कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने को भी कहा गया है।
असिस्टेंट कमिश्नर अजब सिंह रावत ने बताया कि विभाग खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए व्यापारियों और आमजन को लगातार जागरूक कर रहा है। सभी खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य पदार्थों में मिलावट नहीं करने, पैक्ड सामग्री पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और बैच नंबर अंकित रखने, रेट लिस्ट प्रदर्शित करने तथा खरीद-बिक्री के बिल और कैश मेमो अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रतिष्ठानों पर एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करना भी अनिवार्य बताया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की अनियमितता, शिकायत अथवा नमूना फेल होने पर संबंधित के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका होने पर विभाग को सूचना देने की अपील की।
संयुक्त कार्रवाई में असिस्टेंट कमिश्नर अजब सिंह रावत, वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी असलम खान, वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह, राजस्व उपनिरीक्षक खैरना मौ. शकील सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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