उत्तराखंड : पिता की बीमारी का झांसा देकर छात्रा को ले जाने वाले को चार साल सात महीने की सजा
रुद्रपुर। पिता की तबीयत खराब होने का झांसा देकर 14 वर्षीय छात्रा को स्कूल से अपने साथ ले जाने के मामले में अदालत ने मुख्य अभियुक्त फैजल को चार साल सात महीने 14 दिन के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीएससी) संगीता आर्य की अदालत ने अभियुक्त पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, मामले में सह अभियुक्त बनाए गए तौफिक को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया गया।
विशेष लोक अभियोजक उमेश गुप्ता के अनुसार, 14 मार्च 2022 को किच्छा थाना क्षेत्र निवासी कक्षा आठ की छात्रा अपने भाई-बहनों के साथ परीक्षा देने स्कूल गई थी। इसी दौरान फैजल स्कूल पहुंचा और छात्रा को बताया कि उसके पिता की तबीयत खराब हो गई है तथा उन्हें भोजीपुरा स्थित राममूर्ति अस्पताल ले जाया जा रहा है। पिता की बीमारी का झांसा देकर वह छात्रा को अपने साथ ले गया।
काफी तलाश करने के बावजूद छात्रा का पता नहीं चलने पर उसके पिता ने किच्छा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद फैजल और तौफिक के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
अदालत में सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक उमेश गुप्ता ने छह गवाह पेश किए। पीड़िता के बयान, स्कूल के अभिलेख और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने घटना के समय उसकी उम्र करीब 14 वर्ष मानी। अदालत ने फैजल के खिलाफ नाबालिग को विधिक संरक्षक की अनुमति के बिना ले जाने का आरोप धारा 363 के तहत साबित पाया और उसे चार साल सात महीने 14 दिन के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
हालांकि, अपहरण से जुड़े अन्य आरोपों में अभियोजन पक्ष पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। वहीं, सह अभियुक्त तौफिक की भूमिका भी ठोस साक्ष्यों से साबित नहीं हुई। इस पर अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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