उत्तराखंड…गूगल से मिला कस्टमर केयर नंबर पड़ा भारी -स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करते ही खाते से उड़ गए ₹2 लाख
हल्द्वानी। काठगोदाम क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक युवक को कस्टमर केयर के नाम पर ऐसा जाल बिछाया कि कुछ ही मिनटों में उसके बैंक खाते से दो लाख रुपये साफ हो गए। ठगों ने स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाकर युवक की बैंकिंग जानकारी हासिल की और खाते पर हाथ साफ कर दिया।
जानकारी के अनुसार, काठगोदाम निवासी युवक को ऑनलाइन भुगतान करने में समस्या आ रही थी। समाधान के लिए उसने गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजा और उस नंबर पर संपर्क किया। कुछ देर बाद खुद को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति ने युवक को फोन किया और समस्या दूर करने का भरोसा दिलाया।
आरोप है कि ठग ने तकनीकी सहायता के नाम पर युवक से एक स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवा ली। ऐप इंस्टॉल होते ही युवक का मोबाइल और बैंकिंग गतिविधियां ठगों की निगरानी में आ गईं। इसके बाद उससे खाते से जुड़ी जानकारी ली गई और मोबाइल पर आए ओटीपी भी हासिल कर लिए गए। देखते ही देखते युवक के खाते से दो लाख रुपये निकाल लिए गए।
मोबाइल पर रकम कटने का संदेश आते ही युवक के होश उड़ गए। उसे समझ आ गया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। इसके बाद उसने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
काठगोदाम थाना प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह चौहान ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ठगी गई रकम को फ्रीज कराने के प्रयासों के साथ-साथ आरोपियों की पहचान में जुटी है।
साइबर पुलिस की सलाह
- गूगल पर मिले किसी भी कस्टमर केयर नंबर पर आंख बंद कर भरोसा न करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें।
- ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम या यूपीआई संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें।
- ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों के बीच यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि थोड़ी सी लापरवाही भी लाखों रुपये का नुकसान करा सकती है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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