उत्तराखंड…मौत के सफर पर रोडवेज! -पहाड़ की सड़कों पर बीच रास्ते दम तोड़ रहीं बूढ़ी बसें, बाल-बाल बचे 18 यात्री
-द्वाराहाट के पास क्लच और ब्रेक सिस्टम में आई खराबी, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवहन निगम की जर्जर बसें अब यात्रियों के लिए परेशानी ही नहीं, बल्कि खतरे का सबब भी बनती जा रही हैं। पहाड़ के दुर्गम और घुमावदार मार्गों पर दौड़ रही उम्र पूरी कर चुकी रोडवेज बसें आए दिन बीच सफर में जवाब दे रही हैं। बुधवार सुबह मासी से अल्मोड़ा आ रही एक रोडवेज बस में तकनीकी खराबी आने से 18 यात्रियों की जान सांसत में पड़ गई। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार रोडवेज बस संख्या यूके-07 पीए-2477 सुबह छह बजे मासी से अल्मोड़ा के लिए रवाना हुई थी। द्वाराहाट नगर पंचायत पार्किंग के समीप बस के क्लच में अचानक खराबी आ गई। इसके बाद बस के ब्रेक सिस्टम ने भी ठीक से काम करना बंद कर दिया, जिससे बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। स्थिति गंभीर होती देख चालक ने धैर्य और समझदारी का परिचय देते हुए किसी तरह बस को सुरक्षित रोक लिया।
बस में सवार 18 यात्रियों में से 10 यात्रियों को अल्मोड़ा शहर पहुंचना था। बस खराब होने के बाद सभी यात्रियों को अन्य वाहनों से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। हालांकि बीच रास्ते में बस खराब होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
परिवहन निगम की बसों की बदहाल स्थिति को लेकर यात्रियों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। कभी इंजन की फैन बेल्ट टूट जाती है तो कभी क्लच, प्रेशर पाइप या अन्य महत्वपूर्ण पुर्जे जवाब दे देते हैं। नियमित रखरखाव और समय पर मरम्मत के अभाव में ये बसें सफर के दौरान बार-बार हांफ रही हैं। यात्रियों का कहना है कि निगम को पुरानी बसों को तत्काल बदलकर नई और सुरक्षित बसें उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि पहाड़ के संवेदनशील मार्गों पर लोगों की जान जोखिम में न पड़े।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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