Uttarakhand-एक दशक में बदली 104 हेल्थ हेल्पलाइन की तस्वीर -अब फोन उठाने तक सीमित नहीं, खुद मरीजों तक पहुंचकर कर रही स्वास्थ्य निगरानी

खबर शेयर करें 👉

देहरादून। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी और शिकायत निवारण के लिए शुरू की गई 104 हेल्थ हेल्पलाइन ने एक दशक के सफर में अपनी भूमिका को काफी व्यापक कर लिया है। अब यह व्यवस्था महज लोगों की कॉल का जवाब देने वाला केंद्र नहीं रह गई है, बल्कि लाभार्थियों तक खुद पहुंचकर उनके स्वास्थ्य, उपचार और सरकारी योजनाओं के लाभ की स्थिति का फॉलोअप करने वाले सक्रिय स्वास्थ्य निगरानी तंत्र के रूप में काम कर रही है।

स्वास्थ्य निदेशालय, देहरादून में संचालित 104 कॉल सेंटर अब तक एक करोड़ 38 लाख से अधिक स्वास्थ्य संबंधी कॉल कर चुका है। राज्य के सभी 13 जिलों में 27 स्वास्थ्य सेवाओं और कार्यक्रमों से जुड़े लाभार्थियों तक इसकी पहुंच है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने पर जोर दे रही है। इसी उद्देश्य से 104 हेल्पलाइन को पारंपरिक कॉल सेंटर से आगे बढ़ाकर सक्रिय स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  uttarakhand - 4 साल के मासूम के साथ दुष्कर्म का प्रयास - आरोपी गिरफ्तार

अस्पताल में पंजीकरण के बाद शुरू हो जाता है फॉलोअप

104 हेल्पलाइन की सबसे अहम विशेषता इसका सक्रिय निगरानी तंत्र है। राज्य के किसी भी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में मरीज के पंजीकरण के बाद संबंधित जानकारी 104 कॉल सेंटर तक पहुंचती है। इसके बाद स्वास्थ्य संबंधी चुनौती से जूझ रहे लाभार्थियों से नियमित संपर्क कर उनकी स्थिति, उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली जाती है।

गर्भवती महिलाओं के मामले में यह व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था के तीसरे महीने से प्रसव तक टीकाकरण और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का फॉलोअप किया जाता है। बच्चे के जन्म के बाद भी करीब डेढ़ वर्ष तक उसके स्वास्थ्य और टीकाकरण की स्थिति पर निगरानी रखी जाती है, ताकि जरूरी टीके और स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकें।

27 स्वास्थ्य सेवाओं और कार्यक्रमों पर नजर

104 कॉल सेंटर आयुष्मान भारत योजना, आशा कार्यकर्ता, बाल स्वास्थ्य, चारधाम यात्रा, परामर्श सेवाएं, डेंगू, प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास, ई-संजीवनी, हीमोफीलिया, हेपेटाइटिस, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था, एचआईवी, एचपीवी, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह, मातृ स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, टीबी और थैलेसीमिया समेत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े लाभार्थियों से संपर्क करता है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...चुनावी रंजिश में ग्राम प्रधान के पिता पर हथौड़े से हमला --आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

इसके साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम और एंटी रेबीज सेवाओं के तहत लाभार्थियों को आवश्यक जानकारी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए परामर्श भी दिया जाता है।

सिर्फ जानकारी नहीं, योजनाओं के लाभ की भी होती है पड़ताल

104 हेल्पलाइन की भूमिका केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने तक सीमित नहीं है। कॉल सेंटर के माध्यम से लाभार्थियों से सीधे फीडबैक लिया जाता है। केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के तहत मिलने वाले वित्तीय लाभ और प्रोत्साहन की जानकारी भी लाभार्थियों से सत्यापित की जाती है।

इस प्रक्रिया से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में पात्र व्यक्ति तक पहुंचा है या नहीं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की डिलीवरी में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

पहाड़ की चुनौती के बीच बना स्वास्थ्य निगरानी का मजबूत माध्यम

उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच हमेशा बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में 104 हेल्थ हेल्पलाइन स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी, लाभार्थियों की निगरानी, उपचार के फॉलोअप और शिकायतों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...मृतक को जिंदा दिखाकर जमीन हड़पने की साजिश, एक आरोपी गिरफ्तार

एक दशक के सफर में 104 हेल्थ हेल्पलाइन ने यह साबित किया है कि टोल-फ्री नंबर सिर्फ फोन उठाने की व्यवस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, निगरानी, फॉलोअप और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाला प्रभावी तंत्र भी बन सकता है।

मुख्यमंत्री का बयान

“उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। 104 हेल्थ हेल्पलाइन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो केवल नागरिकों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रही, बल्कि लाभार्थियों तक स्वयं पहुंचकर उनकी स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर निगरानी और फॉलोअप सुनिश्चित कर रही है।”

— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

ADVERTISEMENTS

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119