Uttarakhand-तिरंगे की शान से समझौता नहीं-देवभूमि के मूल स्वरूप से खिलवाड़ भी बर्दाश्त नहीं : धामी
–हर घर तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री ने लिया राष्ट्र की एकता-अखंडता की रक्षा का संकल्प, गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गांधी पार्क में आयोजित हर घर तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने और राष्ट्रभक्ति की भावना को सदैव प्रज्वलित रखने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने घंटाघर स्थित उत्तराखंड आंदोलन के महानायक स्व. इंद्रमणि बडोनी और भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह गांधी पार्क से घंटाघर तक हजारों लोगों के साथ तिरंगा यात्रा में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा यात्रा राष्ट्र गौरव का उत्सव है और तिरंगा करोड़ों भारतीयों के स्वाभिमान का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और वीर जवानों ने तिरंगे की आन-बान-शान पर कभी आंच नहीं आने दी। उन्होंने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सरकार और प्रदेशवासी सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे। राष्ट्रभक्ति की भावना देवभूमि के कण-कण में बसी है।
विकास के पथ पर तेजी से बढ़ रहा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और हवाई संपर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत कर रही है। 30 से अधिक क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियों के माध्यम से राज्य के विकास का रोडमैप तैयार किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पिछले एक वर्ष में राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है।
20 हजार से अधिक नए उद्योग, 1750 से ज्यादा स्टार्टअप
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप की संख्या 1750 से अधिक पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
धर्मांतरण, दंगा और समान नागरिक संहिता पर सरकार का रुख स्पष्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि के मूल स्वरूप के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून, कठोर दंगा रोधी कानून और देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में मदरसा बोर्ड समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले 250 से अधिक अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें बंद किया गया है।
13 हजार एकड़ सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले करीब पांच वर्षों में बिना किसी धांधली के 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि ‘नौकरी देने वाला’ बनाना है। इसके लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होम स्टे और पर्यटन नीति सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट और नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा और खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली और सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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