uttarakhand-50 की क्षमता, 110 सवारियां! निजी बस में ठूंस-ठूंसकर भरे यात्री, ₹1.07 लाख का चालान
रुद्रपुर। टनकपुर से लुधियाना जा रही जगदंबा ट्रैवल्स की निजी बस में क्षमता से दोगुने से अधिक यात्रियों को बैठाकर ले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। शनिवार रात किच्छा में सूरजमल कॉलेज के पास परिवहन विभाग की टीम ने बस को चेकिंग के लिए रोका। जांच में बस के अंदर करीब 110 यात्री मिले, जबकि बस की निर्धारित क्षमता महज 50 यात्रियों की थी।
एआरटीओ हल्द्वानी जितेंद्र कुमार ने बस का 1,07,500 रुपये का चालान किया। इसके साथ ही बस का परमिट निरस्त करने और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी शुरू की गई है।
एक सीट पर सात-आठ यात्री बैठाने का आरोप
बस में सवार यात्रियों ने बताया कि शुरुआत में एक सीट पर चार-पांच लोगों को बैठाया गया था। रास्ते में लगातार सवारियां चढ़ती रहीं और स्थिति इतनी खराब हो गई कि बाद में एक सीट पर सात से आठ लोगों को बैठाकर यात्रा कराई गई। यात्रियों का आरोप है कि भीड़ का विरोध करने पर संचालकों ने कथित तौर पर कहा कि इसी तरह यात्रा करनी है तो करें, अन्यथा रास्ते में उतार दिया जाएगा।
बस में महिलाओं और बच्चों को भी भारी भीड़ के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने संचालकों पर मनमाना किराया वसूलने का भी आरोप लगाया।
रात में रुद्रपुर लाए गए यात्री, रोडवेज से लुधियाना रवाना
परिवहन विभाग की कार्रवाई के बाद यात्रियों को रात में रुद्रपुर बस स्टेशन लाया गया। रविवार सुबह सहायक महाप्रबंधक मधुसूदन मिश्रा के सहयोग से रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई और सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से लुधियाना रवाना किया गया।
रोडवेज कर्मचारियों ने निजी बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर ले जाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए। परिवहन विभाग की कार्रवाई को ओवरलोडिंग के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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