उत्तराखंड…व्यापारियों का फूटा गुस्सा: “50% तक किराया बढ़ोतरी नहीं होगी बर्दाश्त” महापौर को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

खबर शेयर करें 👉

हल्द्वानी। नगर निगम क्षेत्र में दुकानों के किराए में कथित तौर पर 20 से 50 प्रतिशत तक की मनमानी बढ़ोतरी के विरोध में सशक्त एकता उद्योग व्यापार मंडल (रजि.) उत्तराखंड ने शनिवार को महापौर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

व्यापार मंडल के अध्यक्ष तरुण वानखेड़े के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की दुकानों तथा निजी दुकानों के मालिक बिना किसी उचित आधार के हर छह माह या एक वर्ष में किराया बढ़ा रहे हैं। विरोध करने वाले व्यापारियों को दुकान खाली कराने की धमकी देकर मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...दिल्ली से घर लौट रहे युवक की टांडा जंगल में दर्दनाक मौत --अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर, चालक फरार

संगठन महामंत्री भुवन भट्ट ने कहा कि महंगाई, ऑनलाइन व्यापार की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और लगातार बढ़ते व्यावसायिक खर्चों के बीच किराए में बेतहाशा वृद्धि छोटे और मझोले व्यापारियों की कमर तोड़ रही है। कई व्यापारी वर्षों पुराना कारोबार बंद करने की स्थिति में पहुंच गए हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार भी प्रभावित हो रहे हैं।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  खाद्य कारोबारियों को बड़ी राहत : FSSAI ने बदले लाइसेंस नियम -अब दुकानदारों-थोक कारोबारियों को नहीं रखना होगा रिकॉर्ड

प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति अवस्थी ने कहा कि किराया बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर महिला उद्यमियों पर पड़ा है। वहीं महिला प्रदेश प्रभारी सीमा बत्रा ने महापौर से महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए किराया निर्धारण समिति में महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की।

व्यापार मंडल ने ज्ञापन के माध्यम से चार प्रमुख मांगें रखीं—

– दुकानों के किराए में मनमानी बढ़ोतरी पर तत्काल रोक लगाकर वार्षिक वृद्धि की सीमा तय की जाए।

– व्यापारियों के उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का हल्द्वानी में भव्य स्वागत -सांसद अजय भट्ट ने किया अभिनंदन

– नगर निगम, व्यापारियों और दुकानदारों की संयुक्त पारदर्शी समिति गठित की जाए, जिसमें महिला प्रतिनिधि अनिवार्य हों।

– सभी दुकानों के लिए रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य कर उसका नगर निगम में पंजीकरण कराया जाए।

प्रदेश प्रवक्ता संजय त्यागी ने कहा कि यदि शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी वर्ग व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। इस दौरान कार्यालय प्रमुख तेज सिंह कार्की, प्रदेश सचिव कल्पना रावत, कार्यकारिणी सदस्य राजेश कांडपाल, कैलाश चंद्र सती सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119