22 नवंबर को देहरादून में ऐक्टू का विशाल प्रदर्शन -आशा वर्कर्स की भागीदारी का ऐलान

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गदरपुर, 25 सितंबर 2026। ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर यूनियन का गदरपुर ब्लॉक सम्मेलन विर्क पैलेस में आयोजित किया गया। सम्मेलन में आशा वर्कर्स को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने तथा उनके श्रम के शोषण पर रोक लगाने की मांग उठाई गई। इस दौरान ब्लॉक की नई कमेटी का गठन भी किया गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन ऐक्टू के प्रदेश महामंत्री केके बोरा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें स्वास्थ्य विभाग के जमीनी स्तर के महत्वपूर्ण कार्य आशा वर्कर्स से कराती हैं। इसके बावजूद उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन लंबे समय से आशा वर्कर्स को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग कर रहा है।

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बोरा ने कहा कि उनके अनुसार नए श्रम कानूनों में भी आशा वर्कर्स को श्रमिक के रूप में पर्याप्त अधिकार नहीं दिए गए हैं, जिसके कारण वे न्यूनतम वेतन समेत कई अधिकारों से वंचित हैं। उन्होंने 22 नवंबर को देहरादून में ऐक्टू के प्रस्तावित प्रदर्शन में आशा वर्कर्स से बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।

उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला सचिव रीता कश्यप ने कहा कि ऐक्टू के नेतृत्व में यूनियन ने आशा वर्कर्स की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके संघर्ष को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन समेत अन्य मांगों को लेकर संगठित संघर्ष जारी रखा जाएगा।

जिला अध्यक्ष ममता पानू ने कहा कि आशा वर्कर्स पर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है, जबकि उन्हें न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के खिलाफ मजबूत संगठन और एकजुट संघर्ष की आवश्यकता है।

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जिला उप सचिव अनीता अन्ना ने कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में महिला स्कीम वर्कर सरकारी योजनाओं में कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें उनके अधिकारों का पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में 12 हजार से अधिक आशा वर्कर्स कार्यरत हैं और उन पर लगातार नए कार्यों की जिम्मेदारी डाली जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के ढांचे की कमियों का अतिरिक्त भार भी आशा वर्कर्स पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यूनियन और एकजुटता के माध्यम से ही शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद की जा सकती है।

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13 सदस्यीय ब्लॉक कमेटी गठित

सम्मेलन में 13 सदस्यीय ब्लॉक कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में सरिता कश्यप को ब्लॉक उपाध्यक्ष, काजल मिस्त्री को ब्लॉक सचिव, लक्ष्मी देवी कोषाध्यक्ष तथा पूजा को ब्लॉक उपसचिव चुना गया। इसके अलावा निधि, प्रेमलता, सुरेंद्र कौर, कला राणा, प्रीति रस्तोगी, फातिमा, देवेंद्र कौर और राधा को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।

सम्मेलन में बाजपुर ब्लॉक कोषाध्यक्ष जीत कौर, सपना भट्ट, गौरी विश्वास, हेमा बिष्ट, तारा भट्ट, नाजरा बी, जसविंदर कौर, पूर्व जिला सचिव कुलविंदर कौर, मनीषा, देवकी, वंदना, निधि, सायरीन, नीलम रानी, पुष्पा देवी, लक्ष्मी रावत, आरती, माया, पूजा रानी, सबीना, प्रीति, कमलेश, मंजू नेगी, शमीम जहां, राधा रानी, शकुंतला, आशा देवी, कश्मीर कौर, नीलिमा, सुमन देवी, तीर्थमनी, विमला रानी, अमरजीत कौर सहित अन्य आशा वर्कर्स मौजूद रहीं।

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