जंग के कगार से पीछे हटे अमेरिका-ईरान -दो हफ्ते का संघर्षविराम, इस्लामाबाद में होगी अहम वार्ता

खबर शेयर करें 👉

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति जता दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी तय समय-सीमा समाप्त होने से करीब 90 मिनट पहले यह घोषणा की। पाकिस्तान की पहल पर यह फैसला लिया गया और अब दोनों देशों के बीच इस्लामाबाद में वार्ता होने की संभावना बन गई है।


ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने उनसे बातचीत कर ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया था। इसके बदले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलने की शर्त स्वीकार की।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  रामपुर रोड में तेज रफ्तार का कहर : पूर्व सैनिक की सड़क हादसे में मौत, ट्रक चालक फरार


ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दो सप्ताह के लिए ईरान पर बमबारी और सैन्य हमले रोकने को तैयार है और यह दोनों पक्षों का संघर्षविराम होगा। उन्होंने कहा कि इस अवधि का इस्तेमाल व्यापक शांति समझौते पर बातचीत के लिए किया जाएगा, जिससे लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म करने का रास्ता निकल सके।


तेहरान में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी संघर्षविराम स्वीकार करने की पुष्टि की है। परिषद के मुताबिक ईरान शुक्रवार से इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है।


पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद आने का निमंत्रण दिया है, ताकि सभी विवादित मुद्दों पर आगे चर्चा हो सके।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...अल्मोड़ा पुलिस में बड़ा फेरबदल -निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदले


‘व्हाइट हाउस’ की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि आमने-सामने वार्ता को लेकर चर्चा जारी है, लेकिन आधिकारिक घोषणा होने तक इसे अंतिम नहीं माना जा सकता।


ट्रंप के अनुसार अमेरिका को ईरान की ओर से 10 बिंदुओं वाला प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत का व्यवहारिक आधार माना जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई विवादित मुद्दों पर पहले ही सहमति बन चुकी है और दो सप्ताह का यह संघर्षविराम अंतिम समझौते को आकार देने में मदद कर सकता है।


उधर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अगरची ने कहा कि यदि ईरान के खिलाफ हमले रोके जाते हैं तो उसकी सशस्त्र सेनाएं भी अपने रक्षात्मक अभियान रोक देंगी। उन्होंने बताया कि अगले दो हफ्तों तक होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही ईरानी सैन्य समन्वय के तहत जारी रहेगी।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...एलपीजी गैस रिसाव से रेस्टोरेंट में भीषण आग --लाखों का सामान जलकर राख, बड़ा हादसा टला


संघर्षविराम योजना में ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम के लिए संवर्धन की स्वीकृति, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी, प्रतिबंध हटाने और उसकी परिसंपत्तियों पर लगी रोक समाप्त करने की मांग रखी है।


हालांकि कूटनीतिक कोशिशों के बीच क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। इजराइल और यूएई में मिसाइल अलर्ट जारी किए गए, जबकि अबू धाबी के एक गैस प्रोसेसिंग संयंत्र में हमले के बाद आग लगने की खबर सामने आई है। सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत में भी मिसाइल अलर्ट जारी किए गए हैं, जिससे हालात की संवेदनशीलता साफ झलक रही है।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119