ऑपरेशन प्रहार’ का एक और बड़ा वार : फर्जी शस्त्र लाइसेंस पर पिस्टल रखने वाला गिरफ्तार -गिरफ्तारियों की संख्या 11 पहुंची
रुद्रपुर। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का ‘ऑपरेशन प्रहार’ लगातार असरदार साबित हो रहा है। अभियान के तहत एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस के आधार पर हथियार रखने वाले एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 0.32 बोर की एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
एसटीएफ बाहरी राज्यों से उत्तराखंड स्थानांतरित हुए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता और सत्यता की व्यापक जांच कर रही है। इसी जांच के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 4 जून 2026 को काशीपुर कोतवाली में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की विवेचना के दौरान 27 जून की देर रात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के निर्देशन में काशीपुर क्षेत्र में सघन दबिश और छापेमारी की गई। इस दौरान एसटीएफ ने फईम अहमद पुत्र इरशाद हुसैन, निवासी बसई चौक, हरियावाला चौराहा, थाना कुंडा, जनपद ऊधमसिंहनगर को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने शाहजहांपुर के नाम से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का यह संगठित नेटवर्क राज्य की कानून-व्यवस्था और जन सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। एसटीएफ पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जिस किसी व्यक्ति, दलाल, लाइसेंस धारक, हथियार आपूर्तिकर्ता या अन्य सहयोगी की संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस धारकों से स्वयं आगे आकर अपने शस्त्र और लाइसेंस सहित एसटीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण करने की अपील भी की। चेतावनी दी कि जांच में चिन्हित होने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ के अनुसार, ऑपरेशन प्रहार के तहत अब तक राज्य के विभिन्न जनपदों में तीन अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साथ ही 15 अवैध शस्त्र, 350 कारतूस तथा बड़ी संख्या में संदिग्ध और फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को किसी फर्जी, संदिग्ध अथवा अवैध शस्त्र लाइसेंस के संबंध में कोई जानकारी हो तो तत्काल इसकी सूचना दें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
इस कार्रवाई को निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एम.पी. सिंह, उपनिरीक्षक जगदीप नेगी, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, हेड कांस्टेबल गोविंद बिष्ट, मोहित वर्मा, रवि बोरा, संजय कुमार और सुरेन्द्र कनवाल की टीम ने अंजाम दिया।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर एएमआर के प्रति दिया जागरूकता का संदेश
uttarakhand-14,500 फीट की ऊंचाई पर आदि कैलाश में बर्फबारी -चोटियों ने ओढ़ी सफेद चादर