पत्नी और बेटे पर दरांती से हमला, फिर पेड़ से लटककर दी जान
चमोली । जिले के देवाल क्षेत्र के ओडर गांव में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने पत्नी और बेटे पर दरांती से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया और इसके बाद जंगल में पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली।
जानकारी के अनुसार ओडर गांव निवासी गजेंद्र सिंह गड़िया (31) पुत्र राम सिंह ने विगत देर शाम किसी बात को लेकर अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी (26) और आठ वर्षीय पुत्र मयंक पर दरांती से हमला कर दिया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय घर में गजेंद्र सिंह, उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी, बेटा मयंक, उसकी बहन माना और पांच साल की बेटी जूली मौजूद थे।
बताया गया कि गजेंद्र के पिता राम सिंह उस समय बकरियां चराने जंगल गए हुए थे, जबकि बेटी जूली घर के पास खेल रही थी। शाम करीब सात बजे गुस्से में आए गजेंद्र ने अपनी पत्नी पर दरांती से वार कर दिया। मां को बचाने के लिए आठ वर्षीय मयंक पिता से गुहार लगाता रहा, लेकिन गजेंद्र ने उस पर भी दरांती से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं।
बहन माना के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गजेंद्र को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद एंबुलेंस और पुलिस चौकी को सूचना दी गई। घायल मां-बेटे को 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल लाया गया।
स्वास्थ्य केंद्र देवाल के प्रभारी डॉ. रॉबिन ने बताया कि दोनों के सिर और हाथ में गहरे घाव हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पहले कर्णप्रयाग और वहां से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
घटना के बाद आरोपी गजेंद्र सिंह फरार हो गया था। शनिवार को उसका शव गांव से करीब 500 मीटर दूर जंगल में एक पेड़ से लटका मिला।
चौकी प्रभारी संदीप देवरानी ने बताया कि मृतक ने अपनी पतलून से फंदा बनाकर पेड़ से लटककर आत्महत्या की है। ग्रामीणों की मदद से शव को नीचे उतारकर पंचनामा और अन्य आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com

उत्तराखंड…36 लाख के गबन में डाकपाल दोषी —अदालत ने सुनाई तीन साल की सजा
उत्तराखंड…हाईकोर्ट का सख्त रुख : पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता अवमानना के दोषी –10 दिन में आदेश नहीं माना तो भुगतनी होगी सजा