भालू का आतंक बरकरार: सर्च ऑपरेशन के बावजूद पकड़ से बाहर -बारिश से अभियान रुका
नई टिहरी। थौलधार ब्लॉक के सुल्याधार क्षेत्र में भालू का आतंक लगातार बना हुआ है। वन विभाग की ट्रैंकुलाइज टीम, शूटर और वनकर्मी दिनभर भालू की तलाश में जुटे रहे, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आया। शाम करीब चार बजे तेज बारिश के कारण सर्च अभियान को रोकना पड़ा।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार भालू की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और ट्रैप कैमरों की मदद भी ली जा रही है। गौरतलब है कि 2 अप्रैल को सुल्याधार क्षेत्र में गश्त के दौरान भालू ने बेरगणी के प्रधान युद्धवीर सिंह रावत, विनोद रावत और वन दरोगा अजयपाल पंवार पर हमला कर दिया था, जिससे तीनों घायल हो गए। फिलहाल तीनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
घटना के बाद वन विभाग ने भालू को पकड़ने या आवश्यक होने पर उसे मार गिराने के लिए ट्रैंकुलाइज टीम के साथ प्रसिद्ध शूटर जॉय हुकिल को भी क्षेत्र में तैनात किया है। इसके बावजूद दिनभर चले सर्च ऑपरेशन में भालू का कोई पता नहीं चल सका।
उप प्रभागीय वनाधिकारी जन्मेजय रमोला ने बताया कि 3 अप्रैल को भालू को ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास किया गया था, लेकिन घनी झाड़ियों का फायदा उठाकर वह जंगल में भाग निकला। तब से वन विभाग की करीब 20 सदस्यीय टीम सुबह से लेकर रात 12 बजे तक लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
डीएफओ पुनीत तोमर ने बताया कि दहशत का कारण बने इस भालू को ट्रैंकुलाइज करने और जरूरत पड़ने पर उसे नष्ट करने के लिए टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है। 3 अप्रैल को वह झाड़ियों के बीच दिखाई दिया था, लेकिन उसे बेहोश करने का प्रयास सफल नहीं हो पाया।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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