हाईकोर्ट का बड़ा झटका: धान की नर्सरी तोड़ने के आदेश पर रोक, किसानों को राहत
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ग्रीष्मकालीन धान की खेती को लेकर जारी प्रशासनिक आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए ऊधमसिंह नगर जिले के किसानों को बड़ी राहत दी है।
न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित ने गदरपुर तहसील के किसानों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिका में चार फरवरी 2026 को जिला प्रशासन द्वारा जारी उस निर्देश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उप जिलाधिकारियों को “अनाधिकृत” धान की नर्सरियों को नष्ट करने और केवल जलभराव वाले क्षेत्रों में ही धान की खेती की अनुमति देने के निर्देश दिए गए थे।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि उनकी भूमि विभिन्न स्थानों पर स्थित है, जिनमें से कई जलभराव श्रेणी में नहीं आतीं। उनका कहना था कि इस प्रकार का आदेश बिना किसी स्पष्ट कानूनी आधार के जारी किया गया है और यह किसानों के अधिकारों का उल्लंघन है।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए अगली सुनवाई तक किसानों को ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरी तैयार करने और खेती जारी रखने की अनुमति दे दी है। मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को तय की गई है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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