रुद्रपुर कोर्ट का बड़ा फैसला : चेक बाउंस मामले में 1 साल की सजा -17.50 लाख का जुर्माना
रुद्रपुर। एसीजेएम/द्वितीय अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) इंदु शर्मा की अदालत ने चेक बाउंस के एक अहम मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास और 17.50 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अधिवक्ता शिव कुंवर सिंह के अनुसार, उनके मुवक्किल हरवीर सिंह खारा (निवासी शारदा इंक्लेव) ने न्यायालय में परिवाद दायर किया था। परिवाद में बताया गया कि अक्टूबर 2015 में सीएनजी किट लगाने के दौरान उनकी मुलाकात हरीश चंद्र सिंह (निवासी जसोला विहार, नई दिल्ली) से हुई थी।
आरोप है कि हरीश चंद्र सिंह ने अपने भाई के विदेश (कजाकिस्तान) में व्यवसाय का हवाला देते हुए संयुक्त रूप से कारोबार बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। इसके तहत हरवीर को एक लाख रुपये मासिक वेतन और प्रतिदिन पांच लीटर पेट्रोल देने का समझौता किया गया।
परिवादी ने कड़ी मेहनत से कारोबार बढ़ाया, लेकिन बाद में पता चला कि आरोपी ने तेज इंजीनियरिंग डिवीजन की आड़ में दूसरी फर्म बनाकर उसमें हरवीर को पार्टनर दिखाया। इसके बाद आरोपी ने बहाने बनाकर पांच लाख रुपये उधार लिए, जबकि समझौते के अनुसार उसके पास परिवादी के 18.78 लाख रुपये जमा हो चुके थे।
जब रकम की मांग की गई तो आरोपी ने 16,95,627 रुपये के चार चेक दिए, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गए। कई प्रयासों के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद मामला अदालत पहुंचा।
सुनवाई के दौरान परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता शिव कुंवर सिंह ने 7 गवाह प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी हरीश चंद्र सिंह को दोषी मानते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com

उत्तराखंड…36 लाख के गबन में डाकपाल दोषी —अदालत ने सुनाई तीन साल की सजा
उत्तराखंड…हाईकोर्ट का सख्त रुख : पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता अवमानना के दोषी –10 दिन में आदेश नहीं माना तो भुगतनी होगी सजा