बड़ी खबर : डीजीपी का सख्त फरमान, पूरे उत्तराखंड में घुसपैठियों-संदिग्धों पर गिरेगी गाज -किरायेदार से लेकर कॉरपोरेट तक सबकी होगी जांच
देहरादून। उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर प्रदेशव्यापी सघन सत्यापन अभियान शुरू कर दिया गया है। यह विशेष मुहिम राज्य के सभी जनपदों में सर्किल, थाना और चौकी स्तर पर संचालित की जाएगी। अभियान का उद्देश्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और आम नागरिकों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करना है।
🔎 किरायेदार से लेकर कॉरपोरेट तक, सबकी होगी जांच
अभियान के तहत मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट्स, आश्रम, धर्मशालाएं, किराये के मकान, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल और गेस्ट हाउस में रह रहे व्यक्तियों का व्यापक सत्यापन किया जाएगा।
प्रॉपर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट और ब्रोकर का सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा।
बिना पुलिस सत्यापन किरायेदारी कराने या संदिग्ध व्यक्तियों को आश्रय देने पर कठोर वैधानिक कार्रवाई होगी।
🚨 होम डिलीवरी एजेंट से इंडस्ट्रियल एरिया तक फोकस
होम डिलीवरी सेवाओं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी एजेंट, सिक्योरिटी एजेंसी स्टाफ, कैब संचालक और इंडस्ट्रियल एरिया के ठेकेदारों का विशेष सत्यापन होगा।
Amazon, Zomato और Blinkit सहित विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े कार्मिकों की पहचान और सत्यापन प्राथमिकता पर रहेगा।
💻 आधुनिक तकनीक से होगी पहचान
संदिग्धों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीकी साधनों और केंद्रीय डाटाबेस का उपयोग किया जाएगा।
National Intelligence Grid> (NATGRID)
Crime and Criminal Tracking Network and Systems> (CCTNS)
Inter-Operable Criminal Justice System> (ICJS)
इन पोर्टलों के माध्यम से सूचना मिलान और विश्लेषण कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
🌍 अवैध विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों पर सख्ती
अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों, विशेष रूप से अवैध घुसपैठियों, बांग्लादेशी नागरिकों तथा वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी ठहरे विदेशी नागरिकों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
🎥 सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच
रिहायशी क्षेत्रों, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर, कोचिंग संस्थान, जिम, स्कूल, विश्वविद्यालय, ट्रांसपोर्ट एजेंसियों, ब्यूटी पार्लर और सैलून आदि में हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की कार्यशील स्थिति की जांच होगी। सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन कर आवश्यक सुरक्षा ब्रीफिंग दी जाएगी।
👵 वरिष्ठ नागरिकों और एकल निवासियों पर विशेष ध्यान
एकल नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों का चिन्हीकरण कर उनकी सुरक्षा का मूल्यांकन किया जाएगा। उनके घरेलू सहायकों, केयरटेकर, ड्राइवर और अन्य सहयोगी कर्मियों का भी अनिवार्य सत्यापन होगा।
🤝 संयुक्त कार्रवाई, हर स्तर पर जवाबदेही
जनपदीय पुलिस, स्थानीय अभिसूचना इकाई, एसओजी और एसटीएफ समन्वित रूप से कार्रवाई करेंगी।
CO से लेकर IG रेंज स्तर तक नियमित समीक्षा की व्यवस्था लागू की गई है और प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष फील्ड टीमों का गठन किया गया है।
डीजीपी दीपम सेठ ने स्पष्ट किया कि यह व्यापक अभियान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पूरे अभियान की मॉनिटरिंग के साथ हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है। आपराधिक तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।”
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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