मां को अंतिम विदाई देते बिलख उठे बच्चे -वन्यजीव हमले में मारी गई हेमा पांडे को नम आंखों से विदाई
नैनीताल। वन्यजीव हमले में जान गंवाने वाली हेमा पांडे का शव पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को उनके घर पहुंचा, जहां पूरे गांव ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। हिंदू रीति-रिवाजों के साथ हुए अंतिम संस्कार में ऐसा कोई नहीं था जिसकी आंखें नम न हों।
जैसे ही हेमा का शव घर पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उनके बच्चों की चीख-पुकार ने माहौल को और अधिक गमगीन कर दिया। मां को अंतिम बार देखकर बिलखते बच्चों को संभालना ग्रामीणों के लिए भी मुश्किल हो गया। अंतिम विदाई के दौरान हर आंख आंसुओं से भर गई और भारी मन से ग्रामीणों ने उन्हें विदा किया। हर किसी के दिल से यही आवाज निकली कि ऐसी दर्दनाक मौत किसी को न मिले।
घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग अब भी इस हादसे से उबर नहीं पाए हैं। हेमा की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है, वहीं उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में वन्यजीवों के बढ़ते खतरे को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि घटना के तुरंत बाद ही एक पिंजरा और चार ट्रैप कैमरे लगाए गए थे, लेकिन रात भर उनमें किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दर्ज नहीं हुई। इसके बाद विभाग ने अपनी रणनीति को और मजबूत करते हुए गुरुवार को पिंजरों की संख्या बढ़ाकर चार और ट्रैप कैमरों की संख्या 50 कर दी है।
उन्होंने बताया कि संवेदनशील रीवर वैली क्षेत्र में एक मचान भी तैयार किया जा रहा है, ताकि वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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