भूमि घोटालों पर आयुक्त का कड़ा प्रहार, पांच मामलों में FIR के आदेश -अनुपस्थित एसडीएम से मांगा जवाब

खबर शेयर करें 👉

देहरादून। गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में सोमवार को सर्वे चौक स्थित कैंप कार्यालय में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में 17 जून 2025 को हुई पिछली बैठक के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई। इस दौरान समिति ने भूमि धोखाधड़ी से जुड़े 11 लंबित मामलों और 51 नई शिकायतों पर सुनवाई की। इनमें से 51 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि 5 मामलों में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।


आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि भूमि धोखाधड़ी के मामलों को अत्यंत गंभीरता से लिया जाए और इनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में संयुक्त निरीक्षण आवश्यक है, उन्हें इसी सप्ताह पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। तहसील स्तर से आने वाली रिपोर्टों की गहन जांच पर जोर देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि या विवाद सामने आने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...होम स्टे में प्रेम-प्रसंग का दर्दनाक अंत --विवाहिता की संदिग्ध मौत, प्रेमी पर हत्या का मुकदमा


सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा हटाने के मामलों में अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज कराने तथा पुलिस द्वारा प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। आयुक्त ने कहा कि भूमि धोखाधड़ी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और प्रगति रिपोर्ट तत्काल साझा की जाए। जिन मामलों में भूमि धोखाधड़ी स्पष्ट रूप से सामने आ रही है, उनमें एसआईटी जांच के निर्देश भी दिए गए।


बैठक में उप जिलाधिकारी सदर और उप जिलाधिकारी ऋषिकेश के अनुपस्थित रहने पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। वहीं एक मामले में तहसीलदार द्वारा आवश्यक जानकारी प्रस्तुत न किए जाने पर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल ऋषिकेश रवाना किया और एक घंटे के भीतर पूरा विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...नशा मुक्ति केंद्र ले जाने पहुंची टीम पर कृपाण से हमला -एक की मौत, आरोपी गिरफ्तार


बैठक के दौरान कुछ चौंकाने वाले मामले भी सामने आए। एक प्रकरण में राजस्थान के कुछ व्यक्तियों द्वारा रुद्रप्रयाग में आवासीय उद्देश्य से खरीदी गई भूमि पर होटल निर्माण कर उसे आगे बेचने और बाद में ऋषिकेश में भी भूमि क्रय-विक्रय करने का मामला सामने आया। विधिक परीक्षण में उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा 154 का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित भूमि को सरकार में निहित करने तथा धारा 166 और 167 के तहत कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
देहराखास निवासी एक अन्य मामले में भी विधिक राय के बाद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

जांच में ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें भूमाफिया द्वारा एक ही खसरे की भूमि दो अलग-अलग लोगों को बेचने और दूसरी जगह की जमीन पर कब्जा दिलाने जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इन मामलों में भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि कुछ शिकायतें जांच में निराधार पाए जाने पर निरस्त कर दी गईं।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  रामपुर रोड में तेज रफ्तार का कहर : पूर्व सैनिक की सड़क हादसे में मौत, ट्रक चालक फरार


लैंड फ्रॉड के कुल 170 मामलों में से अब तक 77 मामलों की सुनवाई हो चुकी है, जिनमें 51 का निस्तारण किया गया है। शेष मामलों में एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तलब की गई है। आयुक्त ने कहा कि आगामी 15 दिनों में फिर बैठक कर बाकी मामलों की समीक्षा की जाएगी ताकि वादियों को त्वरित न्याय मिल सके।


बैठक में पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान, एसपी (ग्रामीण) जया बलूनी, डीजीसी नितिन वशिष्ट, एसडीएम डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार, संयुक्त सचिव एमडीडीए गौरव चटवाल, एसडीएम कर्णप्रयाग सोहन सिंह रांगड़, एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी सहित विभिन्न तहसीलों के वरिष्ठ अधिकारी और तहसीलदार वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119