UK…पत्नी हत्याकांड में उम्रकैद काट रहे अधिवक्ता को हाईकोर्ट से झटका -राहत से इनकार, मामला दूसरी पीठ को भेजा
नैनीताल। दहेज के लिए पत्नी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे अधिवक्ता मनीष अरोड़ा को उत्तराखंड हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी अपील पर सुनवाई करते हुए मामले को आगे की सुनवाई के लिए दूसरी पीठ को स्थानांतरित कर दिया।
मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में हुई। मनीष अरोड़ा वर्ष 2017 से अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। नैनीताल के जिला एवं सत्र न्यायालय ने वर्ष 2019 में उन्हें दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके बाद से वह जेल में हैं।
मामले में यह भी आरोप है कि पत्नी की मृत्यु के बाद जब उसे बी.डी. पांडे अस्पताल लाया गया था, तब आरोपी ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव को नैनीताल से हरिद्वार ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। जबकि मृत्यु को पुलिस केस माना गया था और उसकी परिस्थितियां प्राकृतिक न होकर संदिग्ध बताई गई थीं। आरोप यह भी है कि अस्पताल से शव ले जाते समय डिस्चार्ज स्लिप तक नहीं ली गई और शव को जबरन अस्पताल से ले जाया गया।
सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से दलील दी गई कि वह वर्ष 2019 से जेल में बंद है और अब तक उसे कोई राहत नहीं मिली है। साथ ही उसके वृद्ध माता-पिता की देखभाल का भी हवाला दिया गया। हालांकि अदालत ने तत्काल कोई राहत देने से इनकार करते हुए मामले को सुनवाई के लिए दूसरी पीठ के समक्ष भेज दिया।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल मनीष अरोड़ा को जेल में ही रहना होगा और उनकी राहत की उम्मीदों पर विराम लग गया है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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