उत्तराखंड…सरकार से आर-पार के मूड में अस्थायी शिक्षक, बोले—अब आश्वासन नहीं, फैसला चाहिए

खबर शेयर करें 👉

समायोजन और ₹57,700 वेतन की मांग पर अड़े शिक्षक; सेवा सुरक्षा को लेकर बढ़ा आक्रोश, मुख्यमंत्री से मांगा मिलने का समय

देहरादून। उच्च शिक्षा विभाग में वर्षों से सेवाएं दे रहे अस्थायी शिक्षकों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। समायोजन, सम्मानजनक वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ अपना संघर्ष तेज कर दिया है। शिक्षकों का साफ कहना है कि वर्षों तक सेवाएं लेने के बाद अब केवल आश्वासन देकर उन्हें शांत नहीं किया जा सकता। अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और समयबद्ध निर्णय चाहिए।

मंत्री से मुलाकात, लेकिन नहीं निकला समाधान

अपनी मांगों को लेकर शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, वार्ता के दौरान उन्हें समाधान को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा से भी मुलाकात की।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  uttarakhand-पूर्व सैनिक दीपक सिंह की मौत की जांच अब सीबीसीआईडी के हवाले -हाईकोर्ट ने आईजी कुमाऊं को हर 15 दिन में रिपोर्ट देने के दिए निर्देश

शिक्षक प्रतिनिधियों के मुताबिक, मंत्री ने इस मामले में सचिव से भी वार्ता की है। प्रतिनिधिमंडल को करीब तीन दिन बाद सचिव से मुलाकात का समय मिलने की जानकारी दी गई है। वहीं, शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात के लिए समय मांगा है।

तीन मांगों पर अडिग हैं शिक्षक

अस्थायी शिक्षकों ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—

पहली मांग: नियमित प्राध्यापक के आने पर प्रभावित अस्थायी शिक्षकों का समायोजन किया जाए।

दूसरी मांग: सभी कार्यरत अस्थायी शिक्षकों को ₹57,700 प्रतिमाह वेतन दिया जाए।

तीसरी मांग: संबंधित पदों को आयोग की परिधि से बाहर रखा जाए, ताकि वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के भविष्य पर संकट न आए।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  Uttarakhand-हल्द्वानी शिफ्ट होने की राह पर हाईकोर्ट -कैबिनेट ने 40 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को दी मंजूरी

शिक्षक प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि कई शिक्षक करीब दो वर्षों से समायोजन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लंबे समय से विभाग में सेवाएं देने के बावजूद उनके भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

‘सरकार सेवाएं ले सकती है तो भविष्य की जिम्मेदारी भी उठाए’

शिक्षक प्रतिनिधियों ने कहा कि जब सरकार वर्षों तक उनकी सेवाओं का उपयोग कर सकती है, तो उनके भविष्य की जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब केवल आश्वासन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

शिक्षकों का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि मामले को लगातार टाला गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड... बिग ब्रेकिंग:- पौड़ी मार्ग पर भीषण हादसा : गहरी खाई में गिरी कार -पांच की मौत, मासूम घायल

देहरादून पहुंचने की अपील

प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेशभर के सभी प्रभावित और कार्यरत अस्थायी शिक्षकों से एकजुट होने की अपील की है। शिक्षकों से संख्या बल के साथ देहरादून पहुंचने और संघर्ष में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया गया है।

शिक्षकों का संदेश साफ है—वर्षों की सेवा के बाद अब भविष्य को अनिश्चितता में नहीं छोड़ा जा सकता। सरकार को जल्द निर्णय लेना होगा।

नजर रहेगी सरकार के अगले कदम पर

अब सभी की नजर सचिव के साथ प्रस्तावित वार्ता और मुख्यमंत्री से शिक्षकों की मुलाकात पर है। माना जा रहा है कि इन बैठकों में सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन या निर्णय सामने आता है या नहीं, यह आंदोलन की अगली दिशा तय करेगा।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119