uttarakhand-घर में अंदर से ताला, नदी में मिला क्षेत्र पंचायत सदस्य का शव
–कपकोट ब्लॉक के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप, चप्पलें कमरे में मिलने से गहराया रहस्य
बागेश्वर। कपकोट ब्लॉक के पास क्षेत्र पंचायत सदस्य तारा सिंह कोरंगा (49) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। शनिवार सुबह उनका शव आवास के नीचे नदी में अचेत अवस्था में मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने शव को नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कपकोट तहसील के ग्राम जालेख निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार मोहन सिंह के पुत्र तारा सिंह कोरंगा का कपकोट ब्लॉक के पास आवास है। शनिवार सुबह आसपास के लोगों और नेपाली मजदूरों ने उन्हें आवास के नीचे नदी में अचेत अवस्था में देखा। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। उन्हें नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
कमरे में पड़ी थीं चप्पलें, दोनों दरवाजे अंदर से बंद
घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों के अनुसार तारा सिंह कपकोट स्थित आवास में रहते थे। इन दिनों उनकी पत्नी नंदी देवी खेती के काम से गांव गई थीं, जबकि बच्चे पढ़ाई के लिए बाहर थे।
बताया गया कि आवास के दोनों चैनल दरवाजों पर अंदर से ताला लगा हुआ था। इतना ही नहीं, तारा सिंह की चप्पलें भी कमरे के अंदर ही पड़ी मिलीं। ऐसे में वह कमरे से नदी तक कैसे पहुंचे, यह सवाल पुलिस जांच का अहम बिंदु बना हुआ है।
घटना की सूचना के बाद तारा सिंह के पिता सेवानिवृत्त सूबेदार मोहन सिंह, माता भवानी देवी और पत्नी नंदी देवी को गांव जालेख से कपकोट बुलाया गया।
रात तक सामाजिक समूह में कर रहे थे बातचीत
ग्रामीणों के मुताबिक तारा सिंह शुक्रवार रात करीब 10 से 10:30 बजे तक गांव के सामाजिक माध्यम समूह में बातचीत कर रहे थे। इसके बाद शनिवार सुबह उनका शव नदी में मिलने से घटना को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनकी मौत हादसे में नदी में गिरने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
मोबाइल की दुकान के साथ लोक गायकी का था शौक
तारा सिंह कपकोट में मोबाइल की दुकान चलाते थे। इसके अलावा उन्हें लोक गायकी का भी शौक था। परिवार में पत्नी नंदी देवी के अलावा तीन बच्चे हैं। उनकी दो बेटियां गीता और अंजली तथा सबसे छोटा बेटा पवन है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बेटी और बेटा देहरादून में पढ़ाई कर रहे हैं।
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