“दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण : 2029 तक आधी आबादी को पूरा हक दिलाने का संकल्प – मोदी”
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित समारोह में 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का रिमोट बटन दबाकर लोकार्पण किया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने गढ़ी कैंट तक करीब 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में हिस्सा लिया और डाटकाली मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और बिहू पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों में उत्तराखंड के पवित्र चारधामों की यात्रा शुरू होने जा रही है, जिसका देशभर के श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार करते हैं। दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से चारधाम यात्रियों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य अपने स्थापना के 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और अब राज्य की प्रगति में दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे भी जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले बाबा केदार की धरती से उन्होंने कहा था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा और आज डबल इंजन सरकार की नीतियों तथा राज्य के लोगों के परिश्रम से यह सपना साकार होता दिख रहा है।
उत्तराखंड ने देश को दिखाई नई राह
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार के निर्णय संविधान की गरिमा को मजबूत करने वाले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर से धारा 370 हटने और माओवाद के कमजोर पड़ने के बाद आज पूरे देश में संविधान पूरी तरह लागू है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता लागू कर संविधान की भावना के अनुरूप पूरे देश को नई दिशा दिखाई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों को न्याय दिलाने के लिए समर्पित रहा और केंद्र सरकार भी इसी भावना के साथ हर गरीब तक सामाजिक न्याय पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। उनके अनुसार संतुलित विकास, सभी को सुविधाएं और समृद्धि ही सामाजिक न्याय का सशक्त माध्यम बन सकती है।
सड़कें बन रही हैं राष्ट्र की भाग्य रेखाएं
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सड़कों, रेलवे, रोपवे और वाटरवे जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट राष्ट्र की भाग्य रेखाएं बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक देश में इंफ्रा प्रोजेक्ट पर दो लाख करोड़ रुपये भी खर्च नहीं हो पाते थे, जबकि आज यह राशि बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। उत्तराखंड में ही करीब सवा दो लाख करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि चारधाम महामार्ग परियोजना, रेल परियोजनाएं, केदारनाथ और हेमकुंड रोपवे जैसे प्रोजेक्ट राज्य के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं। गांव-गांव सड़क पहुंचने से वीरान हो रहे गांव भी फिर से जीवंत हो रहे हैं।
नए भारत में स्पीड और स्केल पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत जिस गति और पैमाने पर विकास कर रहा है, उसकी चर्चा दुनिया भर में हो रही है। हाल के महीनों में दिल्ली मेट्रो का विस्तार, मेरठ तक मेट्रो की शुरुआत, नोएडा में एयरपोर्ट और अब दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर इसका उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर यात्रा समय कम करेगा, ईंधन की खपत घटाएगा और किसानों को अपने उत्पाद बड़ी मंडियों तक जल्दी पहुंचाने में मदद करेगा। इससे उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
बारामासी पर्यटन की ओर बढ़ रहा उत्तराखंड
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार की विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्ट्स और ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य अब बारामासी पर्यटन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अपनी आदि कैलाश–ओम पर्वत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां पहले यहां साल में कुछ सौ लोग ही पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या हजारों में पहुंच गई है।
देवभूमि की स्वच्छता बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के लोगों और पर्यटकों से अपील की कि देवभूमि की पवित्रता बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों पर कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक फेंकने से इस पवित्र भूमि की गरिमा को ठेस पहुंचती है।
उन्होंने बताया कि अगले वर्ष हरिद्वार में भव्य और स्वच्छ कुंभ मेले का आयोजन होगा और जल्द ही नंदा देवी राजजात यात्रा भी आयोजित की जाएगी, जो उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है।
2029 में आधी आबादी को मिलेगा पूरा हक
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि इसे जल्द लागू किया जाना चाहिए ताकि 2029 के लोकसभा और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में महिलाओं को उनका अधिकार मिल सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2029 तक देश की पचास प्रतिशत आबादी को उनका पूरा हक मिलकर रहेगा। उन्होंने सभी दलों से इस संवैधानिक संशोधन को समर्थन देने की अपील भी की।
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश 1962 के युद्ध में शहीद हुए बाबा जसवंत सिंह के शौर्य को कभी नहीं भूल सकता। सैनिकों के सम्मान में केंद्र सरकार ने वन रैंक, वन पेंशन योजना लागू कर पूर्व सैनिकों के खातों में सवा लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा की है, जिससे उत्तराखंड के हजारों परिवारों को लाभ मिला है।
उन्होंने कहा कि सरकार देशभक्ति, देवभक्ति और विकास को साथ लेकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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