किरौला ने घर घर जाकर प्रचार अभियान किया तेज –
शिवेंद्र गोस्वामी।
अल्मोड़ा। विनय किरौला ने किया गृह क्षेत्र खत्याड़ी से प्रचार की शुरूआत युवाओं व महिलाओं का अपार समर्थन तथा वरिष्ठजनों का मिला विजयी आर्शीवाद स्वेच्छा से कर रहे आमजनमानस आर्थिक मदद
विधानसभा चुनाव की नामांकन प्रकिया के बाद प्रत्याशियों द्वारा प्रचार अभियान शुरू कर दिया गया है।इसी क्रम में 52- अल्मोड़ा विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन करवा चुके विनय किरौला द्वारा अपना प्रचार अभियान शुरू कर दिया गया है।
आज अपने गृह क्षेत्र में समर्थकों के साथ घर घर जाकर प्रचार अभियान शुरू किया गया । विनय किरौला ने खत्याड़ी वासियों को बताया कि उत्तराखंड के इतिहास में खत्याड़ी गांव का नाम विशेष रूप से उल्लेखित है कारण इस गांव से कुली बेगार आंदोलन की शुरुआत होना है।अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ आक्रोशित ग्रामीणों ने बेगार देने का विरोध किया। आज वही समय वापस आ गया है हमें 21 साल से सिर्फ ठगा गया है। बेस अस्पताल, कुमांऊ विश्वविद्यालय, मेडिकल कालेज ,होटल मैंनेजमेंट जैसे प्रमुख बड़े संस्थान होने के बावजूद भी स्थानीय युवा रोजगार से वंचित है। पानी के रिसाव होने व निकासी की उचित व्यवस्था ना होने से अधिकांश घर गिरने की अवस्था में है।
उन्होंने बताया कि *पूर्व में उनके द्वारा संबंधित विभाग को इस बाबत बताया भी गया था तथा विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा गांव का भ्रमण करके आईआईटी रुड़की के भूगर्भ वैज्ञानिकों से सर्वे कराने की बात भी कही गयी।किंतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों व सरकार की उदासीनता से संभव नहीं हो पा रहा है।
इसलिए आगामी 14 फरवरी को अधिक से अधिक संख्या में सहयोग कर विजयी बनायें जिससे विधानसभा तक पहुंचकर अपने क्षेत्र की मजबूत पैरवी की जा सके।
इस अवसर पर विधायक प्रत्याशी विनय किरौला, विरेंद्र अनवाल,नीरज कनवाल,राहुल कनवाल,कार्तिकेय कनवाल,तेज सिंह कनवाल,अनिल कनवाल,कमलेश सनवाल,इत्यादि लोग मौजूद रहे।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com

उत्तराखंड…पंखे में उतरे करंट से आठवीं के छात्र की मौत, परिवार में मचा कोहराम
उत्तराखंड…तेज रफ्तार स्कूल बस ने ली ग्रामीण की जान –=रामनगर में दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों ने उठाए सवाल